सतना में 24 और 25 दिसंबर को प्रस्तावित ‘नगर गौरव दिवस’ कार्यक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। नगर निगम द्वारा आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है, जबकि महापौर ने आरोपों को भ्रामक बताते हुए पलटवार किया है। कार्यक्रम की घोषणा के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष और सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने नगर निगम पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर की मौजूदा स्थिति गौरव का विषय नहीं है। विधायक ने आरोप लगाया कि पूरा शहर खुदाई से प्रभावित है, नागरिकों को शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है। विधायक कुशवाहा ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम विकास कार्यों के लिए धन की कमी का हवाला देता है, तो फिर ऐसे आयोजनों पर खर्च के लिए संसाधन कहां से आ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कार्यक्रम का खर्च महापौर निजी तौर पर वहन करेंगे या जनता से वसूले गए टैक्स का उपयोग होगा। उनके अनुसार, नगर निगम को इस खर्च का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। महापौर बोले- भ्रम फैलाने की आदत हो गई
कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर योगेश ताम्रकार ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को जानबूझकर भ्रम फैलाने की आदत हो गई है। महापौर ने स्पष्ट किया कि ‘नगर गौरव दिवस’ का आयोजन नगर निगम के खजाने से नहीं किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का पूरा खर्च समाज और नागरिकों के सहयोग से वहन किया जाएगा। महापौर ने आगे कहा कि गौरव दिवस का उद्देश्य शहर की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और उपलब्धियों को सामने लाना है, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना। फिलहाल, ‘नगर गौरव दिवस’ को लेकर यह सियासी विवाद गरमाता जा रहा है।
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