खंडवा में सोमवार रात एक 108 एंबुलेंस में जुड़वां बेटियों की किलकारी गूंज उठी। मोरटक्का से जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में ही महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद एंबुलेंस स्टाफ ने सूझबूझ से सुरक्षित डिलीवरी कराई। खास बात यह है कि महिला को 7 माह का गर्भ था। फिलहाल जच्चा और दोनों नवजात बच्चियां सुरक्षित हैं, जिन्हें रात 8:30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देशगांव के पास बढ़ी पीड़ा, स्टाफ ने कराई डिलीवरी खरगोन जिले के सनावद से आई 108 एंबुलेंस से प्रसूता अनिता (19) पत्नी राजेश को मोरटक्का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से खंडवा रेफर किया गया था। महिला के गर्भ में जुड़वां बच्चे होने के कारण हालत क्रिटिकल थी। शाम 7 बजे एंबुलेंस मोरटक्का से रवाना हुई। रास्ते में देशगांव के पास महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर ईएमटी पवन सुनार्थी और पायलट पवन मुकाती ने एंबुलेंस रोकी और डिलीवरी कराने का निर्णय लिया। कुछ ही देर में महिला ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। 7 महीने में हुई डिलीवरी, जच्चा-बच्चा स्वस्थ महिला की डिलीवरी 7 माह के गर्भ में ही हो गई। राहत की बात यह रही कि दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं। प्रसव के बाद एंबुलेंस तत्काल खंडवा के लिए रवाना हुई। रात 8:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चेकअप किया और तीनों को सुरक्षित बताया। उन्हें ‘ए’ ब्लॉक स्थित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। खरगोन जिले का रहने वाला है परिवार आशा कार्यकर्ता प्रीति कर्मा ने बताया कि महिला अनिता और उनके पति राजेश वास्कले खरगोन जिले की भीकनगांव तहसील के ग्राम अंजनगांव के रहने वाले हैं। महिला का मायका इंदौर रोड स्थित बलवाड़ा का है। उसे पहले सनावद अस्पताल लाया गया था, वहां से मोरटक्का और फिर गंभीर हालत को देखते हुए खंडवा रेफर किया गया था। अब मेडिकल कॉलेज की टीम की देखरेख में इलाज चल रहा है।
Source link