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IND vs NZ Series: टीम इंडिया खराब खेलने की वजह से नहीं बल्कि खराब सिलेक्शन की वजह से मैच हार रही है. अब मामला सिर्फ मैच तक ही सीमित नहीं रह गया, बल्कि खामियाजा सीरीज गंवाकर चुकाना पड़ रहा है. सिर्फ खेल और प्लानिंग ही नहीं बल्कि खराब कोच सिलेक्शन भी टीम की सेहत पर भारी पड़ती नजर आ रही है.
इंदौर: 37 साल में पहली बार न्यूजीलैंड से घर पर हारने की तकलीफ भारतीय टीम को हमेशा कचोटेगी. बीती रात इंदौर में 41 रन से जीतते ही न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत को भारत में आकर वनडे श्रृंखला में मात दी है. अक्टूबर 2024 में गौतम गंभीर के हेड कोच पद संभालते ही न्यूजीलैंड ने भारत को भारत में आकर टेस्ट सीरीज में हराया था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये पहला मौका था, जब भारतीय टीम को अपने घर पर तीन या उससे ज्यादा मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप का मुंह देखना पड़ा हो. अब एकबार फिर गौतम गंभीर की रणनीति सवालों के घेरे में है. एक्सपर्ट और फैंस टीम इंडिया के इस गिरते प्रदर्शन के पीछे गंभीर के अजीबोगरीब फैसले को ही वजह मान रहे हैं. चलिए हम भी डिकोड करते हैं कि गौतम के किन फैसलों से टीम की लुटिया डूब रही है.
रवींद्र जडेजा को खिलाकर अक्षर पटेल को बाहर क्यों बिठाया?
इस टीम में बतौर रवींद्र जडेजा बतौर ऑलराउंडर खेल रहे थे, लेकिन सीरीज के तीन मैच में वह सिर्फ 4, 27 और 12 रन ही बना पाए. विकेट लेना तो छोड़िए रन तक नहीं रोक पा रहे. टी-20 फॉर्मेट से पहले ही संन्यास ले चुके रवींद्र को खुद समझ आना चाहिए कि अब उनसे नहीं हो पा रहा, चलिए जड्डू का स्वार्थ तो समझ आता है, लेकिन यहां कोच और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठते हैं. जब आपके पास अक्षर पटेल के रूप में जडेजा का लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट मौजूद है, जिन्हें आपने नेशनल टी-20 टीम का उपकप्तान बना रखा है तो उन्हें वनडे में न खिलाने का फैसला समझ से परे है.
नीतीश रेड्डी
नीतीश रेड्डी को लगातार मौके फिर हार्दिक पंड्या क्यों बाहर?
गौतम गंभीर को ये बात समझ नहीं आ रही कि प्रॉपर गेंदबाज खिलाए बिना आप कभी लगातार मैच नहीं जीत पाएंगे. इस टीम में नीतीश रेड्डी बतौर ऑलराउंडर खेल रहे हैं, जो पांच ओवर भी बिना ज्यादा रन खाए नहीं डाल सकते. ऐसे में हार्दिक पंड्या को वनडे सेटअप से बाहर रखना समझ से परे हैं. तर्क दिया गया कि इंजरी प्रोन हार्दिक को टी-20 वर्ल्ड कप के लिए सहेजकर रखा जा रहा है. फिर ये लॉजिक हर्षित राणा पर लागू क्यों नहीं होती. हार्दिक पंड्या चार-पांच ओवर तो डाल ही सकते हैं. नीतीश रेड्डी को दो वनडे में बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह दोनों ही मौकों को भुनाने में चूक गए, यहां तक कि एक भी विकेट तक नहीं निकाल पाए.
अर्शदीप सिंह
अर्शदीप-चक्रवर्ती टी-20 के नंबर वन बॉलर, लेकिन वनडे में खेलने लायक क्यों नहीं?
वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह टी-20 में दुनिया के बेस्ट स्पिनर हैं, लेकिन पता नहीं गौतम गंभीर को क्यों लगता है कि वो वनडे खेलने लायक ही नहीं हैं. किसी एक बॉलर को चुनते वक्त सिलेक्टर्स के दिमाग में ये बात क्यों होती है कि वह बल्ले से रन कितना बना पाएगा? मोहम्मद शमी या बुमराह दोनों में से एक सीनियर बॉलर को टीम में शामिल करना ही चाहिए. सिराज अच्छे सपोर्टिंग बॉलर तो हैं. मगर वह वाइट बॉल क्रिकेट में लीड कर सकते हैं या नहीं, इस पर अभी भी डाउट है.
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अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. जबरदस्त स्ट्राइक रेट के साथ पिछले एक दशक से उनकी नाबाद पारी जारी है. अपनी ऑलराउंड क्षमता के…और पढ़ें