भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों के इलाज का खर्च प्रशासन ने उठाने की बात कही थी, लेकिन अब तक सिर्फ 17 मरीजों को 1.71 लाख रुपए ही रिफंड मिला है। उधर, अस्पतालों का बिल 1 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार को जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ितों से मिले, तो कई मरीजों ने खर्च का दर्द उनके सामने रखा। किसी ने बताया कि अस्पताल में 17 बोतल चढ़ीं, तो किसी ने कहा कि 45 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक खर्च हो गए। कई लोगों ने साफ कहा कि अब तक इलाज की रकम वापस नहीं मिली है। अब तक क्षेत्र के 447 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इनमें से 432 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 6 मरीज अभी भी आईसीयू में हैं। जिला प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी किए थे कि भागीरथपुरा में डायरिया के कारण भर्ती मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और जिन्होंने पहले भुगतान किया है, उन्हें रिफंड दिया जाएगा। प्रशासन के अनुसार अब तक 17 मरीजों को 1 लाख 71 हजार 799 रुपए का रिफंड दिया जा चुका है। करीब 29 अस्पतालों ने दावा किया है कि उन्होंने मरीजों को इलाज की राशि लौटा दी है। हालांकि क्षेत्र में ऐसे मरीज भी हैं, जिनका कहना है कि उन्होंने अपने बिल जमा करा दिए हैं, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल उनके पास किसी मरीज की लिखित शिकायत नहीं आई है। 25 दिसंबर के बाद भर्ती मरीजों के लिए आदेश स्वास्थ्य विभाग ने 25 दिसंबर के बाद निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को लेकर सभी अस्पतालों को पत्र जारी किए थे। इसमें निर्देश था कि मरीजों से लिया गया पैसा वापस किया जाए। इसके जवाब में 41 अस्पतालों ने लिखित रूप से बताया है कि उनके यहां कोई पेंडिंग बिल नहीं है और सभी मरीजों को रिफंड कर दिया गया है। अब तक निजी अस्पतालों से इलाज के कुल बिल कलेक्टोरेट को नहीं भेजे गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे मामले में इलाज का खर्च करीब 1 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हर मरीज का भुगतान कराया जाएगा अस्पतालों से मरीजों का पैसा वापस करवाया गया है। 41 अस्पतालों की ओर से लिखित सूचना मिली है कि 25 दिसंबर के बाद भर्ती मरीज से लिया गया पैसा लौटाया गया है। विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों से कोई शुल्क न लिया जाए और यदि लिया गया है तो उसे लौटाया जाए। किसी मरीज को रिफंड नहीं मिला है, तो उसका भुगतान कराया जाएगा।
डॉ. माधव प्रसाद हासानी, सीएमएचओ
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