वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के ग्रुप बदलने की उम्मीद खत्म, आयरलैंड कर चुका तैयारी

वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के ग्रुप बदलने की उम्मीद खत्म, आयरलैंड कर चुका तैयारी


नई दिल्ली. किसी के घर खाने पर कोई मेहमान जाए और हर चीज में कुछ नुक्स निकाले तो मेजबान चाहकर भी कुछ नही कर सकता. आईसीसी और बीसीबी के बीच चल रही रस्साकशी में बीसीसीआई की हालत उसी मेजबान की तरह है.   बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आईसीसी को यह सुझाव दिया है कि यदि आवश्यकता पड़े तो टी20 विश्व कप के ग्रुप बदले जा सकते हैं और बांग्लादेश श्रीलंका में खेल सकता है.

विचार यह है कि यदि बांग्लादेश और आयरलैंड की अदला-बदली कर दी जाए और ग्रुपों का पुनर्गठन किया जाए, तो स्थिति संभाली जा सकती है. कुछ लोगों ने कहा है कि यह एक व्यावहारिक सुझाव है और इस पर विचार किया जाना चाहिए. लेकिन सच्चाई यह है कि यह एक बेहद खराब विचार है, जो एक अन्य सदस्य बोर्ड की इच्छाओं की पूरी तरह अनदेखी करता है.

पूल बदलने के कोई आसार नहीं

आयरलैंड को यात्रा कार्यक्रम की जानकारी काफी पहले दे दी गई थी, और आयरिश प्रशंसक पहले ही श्रीलंका की यात्रा की योजना बना चुके हैं. ऐसी योजनाएँ बनाना आसान नहीं होता और न ही सस्ता. इसमें महीनों की तैयारी लगती है मसलन फ्लाइट, होटल और मैच टिकट बुक करना, साथ ही यात्रा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएँ करना. कई प्रशंसकों के लिए यह जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर हो सकता है. कुछ लोग महीनों तक पैसे बचाते हैं ताकि वे यह सपना पूरा कर सकें, और अपनी टीम का समर्थन करने के लिए किसी दूसरे देश की यात्रा करना हमेशा एक खास अनुभव होता है.

फैंस का फूटेगा गुस्सा

अगर ग्रुप बदल दिए जाते हैं, तो इन प्रशंसकों का क्या होगा? BCB के लिए, जाहिर तौर पर ये प्रशंसक मायने नहीं रखते. जब आप अपने घरेलू मतदाताओं को खुश करने के लिए एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक खेल खेल रहे हों, तो विदेशी प्रशंसकों की चिंता क्यों करेंगे? लेकिन आईसीसी के लिए ये प्रशंसक मायने रखते हैं.  आयरलैंड, BCB की तरह ही, एक हितधारक है, और जिसने भी यात्रा की योजना बनाई है, वह सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार किए जाने का हकदार है. आप उनसे आखिरी समय में सब कुछ रद्द करने को नहीं कह सकते और उनसे हजारों डॉलर का नुकसान उठाने की उम्मीद नहीं कर सकते.

बांग्लादेश कर रहा है ब्लंडर 

BCB में जो लोग ये फैसले ले रहे हैं, उनका अपना पैसा दांव पर नहीं है उन्हें एक पैसा भी नहीं गंवाना पड़ेगा, तो वे प्रशंसकों की परेशानी को क्यों और कैसे समझेंगे? उनके लिए यह एक राजनीतिक फैसला है यह दिखाने का तरीका कि उन्होंने आईसीसी के दबाव में भी झुकने से इनकार कर दिया लेकिन वे यह नहीं समझते कि इस तरह की दिखावटी राजनीति लंबे समय में बांग्लादेश के किसी काम नहीं आएगी. आईसीसी के लिए फैसला सीधा होना चाहिए. आखिरी समय में चीजें बदलकर टीमों और समर्थकों को असुविधा में डालने का कोई सवाल ही नहीं उठता. अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें हर उस प्रशंसक को मुआवजा देना चाहिए जिसे नुकसान होगा और जो लोग यह कहते हैं कि BCB का सुझाव उचित है, उन्हें और गहराई से सोचना चाहिए.

आयरलैंड से भी पूछ लो

एक बार आयरलैंड के बारे में भी सोचना चाहिए  कि आयरलैंड को BCB जितना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें दबाया जा सकता है.  विश्व खेल इसी तरह नहीं चलता, और न ही किसी शासी निकाय से ऐसे फैसलों की उम्मीद की जानी चाहिए.  आईसीसी जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझेगा, और सच्चाई यह है कि बांग्लादेश के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है.

इस पूरी खींचतान में सबसे ज्यादा नुकसान खिलाड़ियों का होगा. वे बेहतर के हकदार हैं और उन्होंने विश्व कप में खेलने का अधिकार अर्जित किया है.  BCB, BCCI और निश्चित रूप से ICC के बीच जो कि ढाका की राजनीतिक व्यवस्था द्वारा संचालित है इस संघर्ष में खिलाड़ी ही सबसे ज्यादा नुकसान उठाएंगे. फिलहाल, हमें अंतिम नतीजे और उसके ऐलान का इंतजार करना होगा.



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