शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम तेली समाज ने एक सराहनीय पहल की है। रविवार को शहर की गुलमोहर कॉलोनी क्षेत्र में आयोजित सामूहिक निकाह सम्मेलन में 45 जोड़ों का निकाह हुआ। खास बात यह रही कि वर-वधू पक्ष से शगुन के तौर पर मात्र 51 रुपए ही लिए गए। शहर काजी निसार अली और मौलानाओं ने निकाह पढ़ाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन और रिश्तेदार शामिल हुए। पूरे आयोजन का खर्च समाज की सामूहिक हिस्सेदारी से वहन किया गया। निकाह के बाद नवविवाहित जोड़ों को फिजूलखर्ची से दूर रहने, उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और पौधारोपण करने की शपथ दिलाई गई। अब तक 390 बेटियों का कराया निकाह समाज के शौकत पवार और युसूफ पवार ने बताया कि कमेटी के माध्यम से अब तक 6 आयोजन हो चुके हैं, जिनमें 390 बेटियों का निकाह कराया गया है। पिछले साल 19 बेटियों का सामूहिक निकाह हुआ था। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा सहारा मिला है। समाज की सोच: कर्ज से बचाना, कुरीतियां खत्म करना मुस्लिम तेली समाज के हाजी कल्लू पवार, युसूफ हाजी और शहजाद पवार ने बताया कि शादियों में अनावश्यक खर्च और दिखावे के कारण कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। इसी कुरीति को खत्म करने और समाज को सही दिशा देने के उद्देश्य से यह सामूहिक निकाह आयोजित किया गया। काजी निसार अली बोले- ये आयोजन नजीर बनेगा शहर काजी सैय्यद निसार अली ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए नजीर बनेंगे। इससे शादियों में सादगी आएगी और अन्य समाज भी इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। सामूहिक निकाह का यह आयोजन न सिर्फ आर्थिक बोझ कम करने की मिसाल बना, बल्कि समाज को सादगी, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी दे गया।
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