नेहरू पार्क से निकल रहे अफसर! बिना फीस की कोचिंग से मिल रही नौकरियां, सब ऑटो ड्राइवर के बेटे का कमाल

नेहरू पार्क से निकल रहे अफसर! बिना फीस की कोचिंग से मिल रही नौकरियां, सब ऑटो ड्राइवर के बेटे का कमाल


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इंदौर के राजू सैनी ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो हालात मायने नहीं रखते. ऑटो चालक के बेटे राजू सैनी ने 25 साल पहले नेहरू पार्क में खुले आसमान के नीचे पढ़ाना शुरू किया और 5000 से ज्यादा गरीब छात्रों का सरकारी नौकरी में चयन हो चुका है. बिना किसी फीस के चलने वाली इस कोचिंग की चर्चा दूर दूर है.

इंदौर. मन में अगर संकल्प हो तो सब कुछ संभव है, बस उठो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत‌ रुको. सरकारी नौकरी पाना बहुत आसान है यह कहना है स्वामी विवेकानंद को आदर्श मानने वाले राजू सैनी का, जो पढ़ो और पढ़ाओ का संकल्प लिए 25 साल से चाणक्य नाम की कोचिंग चला रहे हैं. इसमें छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया जाता है. अब तक यहां से 5000 से ज्यादा गरीब छात्रों का चयन सरकारी परीक्षाओं में हो चुका है।.

राजू सैनी एक गरीब परिवार से आते हैं. उनके पिता ऑटो चलाते थे और वो एक गरीब बस्ती में ही रहते थे. वहां लोगों का मानना था कि सरकारी नौकरी पाना असंभव है, लेकिन उनके मन में इसके प्रति जुनून था उन्होंने ना केवल खुद इसकी तैयारी की बल्कि अपने साथ कुछ छात्रों को भी जोड़ लिया. उस समय लोग उन पर हंसते थे और कहते थे कि खुद की तो नौकरी लगी नहीं दूसरों की नौकरी कैसे लगाएगा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार स्वयं भी पढ़ते रहे और अपने साथियों को भी पढ़ाते रहे.

5000 से ज्यादा छात्रों को मिल चुकी नौकरी
सभी लोग नेहरू पार्क में गार्डन में ही खुले में पढ़ाई करते थे. ‌कुछ समय बाद उनका और अन्य साथियों का पुलिस, रेलवे और बीएसएफ जैसी नौकरियों में चयन हो गया. इनमें से अधिकतर छात्र ऐसे थे जो गरीब थे और किसी बड़ी कोचिंग में जाकर पढ़ाई नहीं कर सकते थे. राजू सैनी आज इंदौर में स्टेशन मास्टर हैं, लेकिन नौकरी पाने के बाद भी उन्होंने अपना संकल्प नहीं छोड़ा और लगातार कई छात्रों उनसे जुड़ते गए. उनकी इस पहल का ही नतीजा है कि अबतक यहां से पढ़कर ही 5000 से ज्यादा छात्रों का चयन हो चुका है. यहां से कोई रेलवे में टीसी, गार्ड बना तो कोई पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर है. इसके अलावा, कलेक्टर कार्यालय, नगर निगम, बैंक‌ में भी यहां से पढ़कर कईं छात्रों का चयन हो चुका है‌.

घर-घर दीप जलाएंगे पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे
अभी नेहरू पार्क में आकर इसी तरह बच्चे पढ़ाई करते हैं, यहां एक बड़ी लाइब्रेरी भी बना दी गई है. इसके साथ ही बच्चों की संख्या देखते हुए एक अलग अध्ययन केंद्र भी बनाया गया है. जहां वाईफाई जैसी सुविधाओं से भी छात्र पढ़ाई कर सकते हैं. सबसे खास बात है कि जिन छात्रों का चयन सरकारी नौकरियों में हो चुका है वह खुद यहां आकर बच्चों को पढ़ाते हैं. यहां का नारा भी है घर-घर दीप जलाएंगे पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे.

इस पहल को चाणक्य परिवार के नाम से जाना जाता है. यहां पीएससी, रेलवे, पुलिस भर्ती, बैंक और व्यापम जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्र को समझाया जाता है कि वो रटने के बजाय चीजों को समझाने पर जोर दें. छात्र समूहों में बैठकर कठिन विषयों पर चर्चा करते हैं, जिससे उनके कॉन्फिडेंस में भी बढ़ोतरी होती है‌. खास बात है कि आज भी यहां कुलकर्णी भट्टा, गोमा की फेल और आसपास की अन्य श्रमिक बस्तियों से अधिकतर गरीब छात्र ही यहां पढ़ने आते हैं, जिनमें से कईं अब अधिकारी बन चुके हैं.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

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पार्क में पढ़ बन रहे अफसर! फ्री कोचिंग से मिल रही नौकरी, सब राजू भाई का कमाल



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