बुरहानपुर में नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना के 150 से अधिक कर्मचारियों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। वे दोपहर में कारखाना एमडी के बंगले के सामने भी पहुंचे। कर्मचारियों ने मंगलवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है, जो 28 जनवरी तक चलेगा। आंदोलन के पहले दिन दोपहर 2 बजे की शिफ्ट में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। आंदोलन के तहत, 21 जनवरी को कारखाना गेट पर प्रदर्शन होगा। 22 जनवरी को क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। इसके बाद, 27 जनवरी को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक एक घंटे के लिए ‘नो वर्क ड्यूटी’ की जाएगी, और 28 जनवरी को ‘स्लो डाउन’ किया जाएगा। यह आंदोलन राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक द्वारा शुरू किया गया है। इसका मुख्य कारण नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना प्रबंधन और श्रमिक संघ के बीच 15 अक्टूबर 2023 को हुए समझौते का पालन न होना है। इंटक अध्यक्ष ललित कश्यप ने बताया कि कारखाने में कार्यरत श्रमिक कर्मचारियों को जुलाई 2023 से शासन द्वारा स्वीकृत महंगाई भत्ता नहीं मिला है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022-23 में हुए समझौते का भी उल्लंघन किया गया है। कश्यप के अनुसार, 15 अक्टूबर 2023 को अन्य समस्याओं के संबंध में एक समझौता हुआ था। तीन माह बीत जाने के बाद भी समझौते का पालन नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघ ने औद्योगिक शांति भंग न हो, इसके लिए समय-समय पर प्रबंधन और प्रशासक को अवगत कराया था, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
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