भारत के टॉप पोल-वॉल्टर को TTE ने ट्रेन से उतारा: 5 घंटे बैठाए रखा, वीडियो आया सामने, ट्रेन में पोल ले जाने पर जुर्माना लगाया – Bhopal News

भारत के टॉप पोल-वॉल्टर को TTE ने ट्रेन से उतारा:  5 घंटे बैठाए रखा, वीडियो आया सामने, ट्रेन में पोल ले जाने पर जुर्माना लगाया – Bhopal News




भारत के टॉप पोल-वॉल्टर और नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव कुमार मीणा के साथ 17 जनवरी को पनवेल रेलवे स्टेशन पर हुई घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। यह वीडियो खुद देव मीणा ने स्टेशन पर बनाया, जिसमें वे रेलवे स्टाफ के व्यवहार और खिलाड़ियों पर लगाए गए जुर्माने को लेकर खुलकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। इस घटना में देव मीणा और उनके साथी एथलीट कुलदीप यादव को ट्रेन से उतरने के लिए कहा गया और बाद में रेलवे की ओर से 1865 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। देव मीणा और कुलदीप यादव ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता खेलने के बाद महाराष्ट्र से लौट रहे थे। पनवेल स्टेशन पर ट्रेन बदलते समय उनका पोल-वॉल्ट का खेल उपकरण टीटीई और स्टेशन स्टाफ की नजर में आया, जिसके बाद उन्हें आगे यात्रा करने से रोक दिया गया। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें साफ तौर पर कह दिया गया कि बिना फाइन भरे ट्रेन में जाने नहीं दिया जाएगा। मंगलवार को दोनों खिलाड़ियों ने अपनी व्यथा मीडिया को भी बताई। 5 घंटे बैठाए रखा, एक ट्रेन छूटी
वीडियो में देव मीणा कहते हैं कि उन्हें चार से पांच घंटे तक स्टेशन पर बैठाकर रखा गया। इस दौरान उनकी एक ट्रेन भी छूट गई। उन्होंने बताया कि वे नेशनल रिकॉर्ड होल्डर और इंटरनेशनल एथलीट हैं, इसके बावजूद उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया। देव ने सवाल उठाया कि अगर उनके जैसे खिलाड़ियों के साथ ऐसा हो सकता है, तो जूनियर एथलीटों की स्थिति क्या होती होगी। फाइन नहीं भरते तो जाने नहीं देते
देव मीणा ने वीडियो में आरोप लगाया कि स्टेशन पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कहा गया कि जब तक खिलाड़ी जुर्माना नहीं भरेंगे, तब तक उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। मजबूरी में खिलाड़ियों ने 1865 रुपए का जुर्माना भरा, इसके बाद करीब पांच घंटे बाद उन्हें अपना पोल दूसरी ट्रेन में ले जाने की अनुमति दी गई। देव बोले- यह कोई नई बात नहीं
वीडियो में देव मीणा कहते हैं कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार पहले भी होता रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों और उनके खेल उपकरण के लिए रेलवे को अलग और स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि हर बार इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। प्रतियोगिता से लौटते समय रोका गया
देव मीणा और अन्य खिलाड़ी ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के बाद बेंगलुरु से भोपाल लौट रहे थे। पनवेल स्टेशन पर ट्रेन बदलते समय खिलाड़ियों ने अपना खेल उपकरण प्लेटफॉर्म पर रखा, तभी वहां मौजूद TTE और स्टेशन स्टाफ ने पोल को देखकर सवाल खड़े कर दिए। खिलाड़ियों ने बताया कि यह पोल-वॉल्ट का जरूरी खेल उपकरण है, इसके बावजूद उन्हें ट्रेन में ले जाने से मना कर दिया गया। टीटीई से बहस का वीडियो सामने आने के बाद विवाद और गहराया
पनवेल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलते समय भारत के टॉप पोल-वॉल्टर और नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव कुमार मीणा की टीटीई से हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देव मीणा और उनके साथी खिलाड़ी खेल का जरूरी उपकरण साथ ले जाने को लेकर टीटीई से सवाल करते नजर आ रहे हैं, जबकि रेलवे स्टाफ उन्हें ट्रेन से उतारने और जुर्माना लगाने की बात कहता दिख रहा है। मंत्री विश्वास सारंग ने लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने इसे गंभीर बताते हुए कहा कि पहले भी रेल मंत्रालय को इस विषय में पत्र लिखा जा चुका है। अब दोबारा केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र भेजकर मांग की जा रही है कि खिलाड़ियों को अपने खेल उपकरण के साथ यात्रा करने के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक गाइडलाइंस बनाई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी खिलाड़ी को ऐसी परेशानी न हो। कौन हैं देव मीणा
मध्य प्रदेश के खातेगांव तहसील के छोटे से गांव सिल्फोड़खेड़ा के रहने वाले 19 वर्षीय देव कुमार मीणा भारत के उभरते हुए पोल-वॉल्टर हैं। उन्होंने फरवरी 2025 में उत्तराखंड नेशनल गेम्स में 5.32 मीटर और फिर अप्रैल 2025 में नेशनल फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5.35 मीटर की छलांग लगाकर अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। इस प्रदर्शन के साथ वे पुरुष पोल-वॉल्ट में भारत के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर बने। 4 मीटर लंबा होता है पोल
पोल वॉल्ट खेल में जिस पोल का प्रयाेग होता है वह लगभग 4 मीटर से अधिक का होता है। ऐसे में उसे ट्रेन में ले जाने पर यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। प्रोफेशनल खिलाड़ी का पोल तो 5 मीटर तक का हो जाता है। यह फाइबर ग्लास या कार्बन फाइबर का बना होता है और इसमें लचीलापन होता है। नियमानुसार खेल सामग्री ट्रेन में ली जा सकती है, लेकिन ऐसे बड़े उपकरण ले जाने के लिए अनुमति की जरूरत पड़ती है। खेल विभाग ने रेलवे को पत्र लिख दिया था और देव मीणा को अपनी ओर से अनुमति दे दी थी।



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