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Strawberry Farming: किसानों के लिए नई उम्मीद खेती में बढ़ती लागत और घटते दामों के बीच स्ट्रॉबेरी जैसी नगदी फसल किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. कम जमीन में भी अच्छी आमदनी होने के कारण अब किसान इस खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. आइए जानें इस खेती के बारे में ज्यादा जानकारी…
Strawberry Farming: निमाड़ अंचल में अब खेती की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है. परंपरागत फसलों में लगातार हो रहे घाटे के बाद किसान अब नई तकनीक और नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में सर्दियों में होने वाली स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए आमदनी का मजबूत जरिया बनती जा रही है. खंडवा, बुरहानपुर, खरगौन, हरदा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान अब गेहूं-चना छोड़कर नगदी फसलों की तरफ ध्यान दे रहे हैं, जिनमें स्ट्रॉबेरी सबसे आगे नजर आ रही है.
स्ट्रॉबेरी की खेती नवंबर से मार्च के बीच की जाती है. इस दौरान मौसम अनुकूल रहता है और कम समय में फसल तैयार हो जाती है. खास बात यह है कि यह फसल रोजाना आमदनी देती है, जिससे किसानों को नकद पैसा मिलता रहता है. जय कृषि किसान क्लीनिक खंडवा के कृषि विशेषज्ञ नवनीत रेवापाटी बताते हैं स्ट्रॉबेरी के पौधे दिसंबर तक मंगवा लेना चाहिए. जनवरी से मार्च के बीच रोपाई करने पर किसान अच्छी पैदावार और मुनाफा कमा सकते हैं. उन्होंने बताया कि रबी सीजन में स्ट्रॉबेरी की खेती निमाड़ क्षेत्र के लिए पूरी तरह अनुकूल है. मिट्टी भुरभुरी हो pH मान 5.3 से 6 के बीचगोबर खाद या जैविक खाद की मात्रा पर्याप्त हो खेत में 25 से 30 सेंटीमीटर ऊंची क्यारियां बनाना जरूरी होता है. स्ट्रॉबेरी की खेती मल्चिंग तकनीक से करना सबसे बेहतर माना जाता है. काले मल्च पेपर या पुआल के उपयोग से मिट्टी की नमी बनी रहती है. खरपतवार कम होते हैं और ठंड से पौधे सुरक्षित रहते हैं. फल मिट्टी के संपर्क में नहीं आते हैं. इससे बीमारी और संक्रमण का खतरा भी काफी कम हो जाता है.
कौन-कौन सी किस्में बेहतर
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, विंटर डॉन, कैमारोसा, स्वीट चार्ली, नबीला ये किस्में मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बेहतर मानी जाती हैं. इन पौधों की नर्सरी महाराष्ट्र, मालवा और रतलाम क्षेत्र से आसानी से मिल जाती है. बाजार में अच्छा दाम सट्रॉबेरी की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. लोकल स्तर पर भी इसके अच्छे दाम मिलते हैं. बाजार में एक पैक की कीमत करीब 70 से 80 रुपये तक मिल जाती है. होटल, ढाबे और शहरों में इसकी मांग ज्यादा रहती है.
किसानों के लिए नई उम्मीद
खेती में बढ़ती लागत और घटते दामों के बीच स्ट्रॉबेरी जैसी नगदी फसल किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. कम जमीन में भी अच्छी आमदनी होने के कारण अब किसान इस खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. अगर सही समय, सही तकनीक और सही जानकारी के साथ खेती की जाए, तो सर्दियों में स्ट्रॉबेरी किसानों की आमदनी बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें