सीहोर जिले के भैरुंदा सिविल अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही से एक आदिवासी महिला की मौत हो गई। इस मामले में बुधवार को सीहोर कलेक्ट्रेट में परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले, घटना से आक्रोशित परिजनों ने शाम को भी भैरुंदा अस्पताल परिसर में शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया था। स्थिति बिगड़ती देख पूरे अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ग्राम सिंहपुर निवासी मृतक महिला शिवानी के पति नवल सिंह बारेला ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को 12 जनवरी की सुबह नसबंदी ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल भैरुंदा में भर्ती कराया था। दोपहर करीब 3 बजे डॉ. रुकमणी गुलहारिया ने ऑपरेशन किया। अस्पताल प्रबंधन पर परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि उसी रात 10 बजे अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें यह कहकर घर भेज दिया कि बाकी सभी मरीज जा चुके हैं। घर पहुंचते ही आधी रात को शिवानी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शुरू हो गया। अगले दिन 13 जनवरी को परिजन उसे दोबारा भैरुंदा अस्पताल लाए, जहां से उसे तत्काल सीहोर रेफर कर दिया गया। सीहोर में भी हालत में सुधार न होने पर 14 जनवरी को उसे भोपाल के नर्मदा अस्पताल और फिर हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। हमीदिया के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि ऑपरेशन के दौरान पेट के अंदर की नस और आंत कट गई थी, जिससे शरीर में जहर फैल चुका था। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
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