BCCI विराट को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए मजबूत ना करे, कैफ ने दी सलाह

BCCI विराट को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए मजबूत ना करे, कैफ ने दी सलाह


नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर में नजर आ रहे हैं. चाहे घरेलू क्रिकेट हो या अंतरराष्ट्रीय, कोहली जमकर गेंदबाजों की खबर लेते दिखे. अगर 2016 को कोहली का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अच्छा साल माना जाता है, तो 2026 भी ज्यादा पीछे नहीं है. बीसीसीआई के निर्देश पर कोहली को विजय हजारे ट्रॉफी खेलनी पड़ी. इसमें उन्होंने दिल्ली के लिए एक शतक और एक अर्धशतक जड़ दिया. पिछले साल कोहली छह महीने बाद भारत के लिए खेले और ऐसा लगा जैसे वह कभी टीम से बाहर ही नहीं हुए, उन्होंने ढेरों रन बना डाले. पूर्व भारतीय क्रिकेट मोहम्मद कैफ ने बीसीसीआई के अपील की है कि विराट को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर ना किया जाए.

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में कोहली ने अपना 85वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया. जिसमें उन्होंने 108 गेंद में 124 रन बनाए. यह उनके पिछले आठ 50 ओवर के मैचों में चौथा शतक था, जिसमें विजय हजारे ट्रॉफी में भी एक शतक शामिल है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कोहली की क्लास की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही कोहली अब कभी-कभी ही खेलते हैं, लेकिन जब भी मैदान पर उतरते हैं, अपनी मेहनत, फिटनेस, तैयारी और खेल की समझ से लगातार रन बनाते हैं और अपनी अहमियत साबित करते हैं.

“विराट अब ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जो कभी-कभी ही दिखते हैं. लेकिन आते हैं, रन बनाते हैं और फिर लंदन चले जाते हैं. अब ऐसा ही हो गया है. आते हैं, रन बनाते हैं और चले जाते हैं. जब आप नियमित रूप से नहीं खेल रहे हों, तब भी इतनी निरंतरता से रन बनाना आसान नहीं है. लेकिन यह उनका जुनून है, उनकी फिटनेस है, देश के लिए खेलने का गर्व है, खेल की समझ है और खुद की तैयारी है. उन्होंने इसे साबित किया है,” कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा.

‘कोहली के पास जो जुनून है, बाजार में नहीं मिलता’

कोहली अब जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में लौटेंगे. इस बीच, कैफ ने सुझाव दिया कि पूर्व भारतीय कप्तान ने खुद को काफी साबित कर दिया है, अब उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए.

कैफ ने विराट कोहली के बेमिसाल जुनून और मैच जिताने की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनके लिए घरेलू मैचों की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका जज्बा और हुनर उन्हें किसी भी चुनौती का अकेले सामना करने में सक्षम बनाता है और वह मुश्किल हालात में भी टीम को प्रेरित करते हैं.

“अब उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने की जरूरत नहीं है. कोई भी मैच प्रैक्टिस कर सकता है, लेकिन उनके पास जो जुनून है, वह किसी बाजार में नहीं मिलता. वह कहां से मिलेगा? पिछले मैच में भी वही उम्मीद थे. विराट अकेले ही सामने वाली टीम के 10 खिलाड़ियों को हरा सकते हैं,” उन्होंने कहा.



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