हरियाणा के बॉक्सरों का नेशनल कैंप में दबदबा: 64 में से 31 हरियाणवी; स्वीडन कोच की फिर वापसी, सबसे अधिक ओलिंपिक कोटा दिलाया था – Panchkula News

हरियाणा के बॉक्सरों का नेशनल कैंप में दबदबा:  64 में से 31 हरियाणवी; स्वीडन कोच की फिर वापसी, सबसे अधिक ओलिंपिक कोटा दिलाया था – Panchkula News




हरियाणा अब मुक्केबाजी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। नेशनल कोचिंग कैंप 64 में से 31 हरियाणवी बॉक्सरों का चयन हुआ है। इसमें प्रदेश की 14 बेटियों ने जगह बनाई है, वहीं 17 पुरुष मुक्केबाजों का चयन हुआ है। जिससे कैंप में लगभग 45 प्रतिशत बॉक्सर हरियाणा के हैं। खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया ने नेशनल कैंप के लिए मुक्केबाजों की सूची जारी की है। यह कैंप पंजाब के एनआइएस पटियाला में 14 मार्च तक चलेगा। कैंप में लॉस एंजेल्स ओलिंपिक, ओलिंपिक क्वालिफाई मुकाबले और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को ध्यान में रखकर मुक्केबाजों की तैयारी करवाई जाएगी। सभी प्रतिभागियों के खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था कैंप स्थल पर ही रहेगी। इसके साथ ही स्वीडन मूल के कोच सैंटियागो नीवा की इंडियन महिला टीम के मुख्य कोच के तौर पर फिर वापसी हो गई है। इन्होंने टोक्यो ओलिंपिक की 14 कैटेगरी में से इंडिया को 9 कैटेगरी में ओलिंपिक कोटा दिलवाया था। 5 पॉइंट में जानिए पटियाला कैंप का महत्व.. विदेशी कोच की फिर वापसी स्वीडन मूल के कोच सैंटियागो नीवा की इंडियन महिला टीम के मुख्य कोच के तौर पर फिर वापसी हो गई है। सैंटियागो नीवा पहले भी हाई परफॉर्मेंस मैनेजर के तौर पर इंडिया में 2016 से 2020 तक रह चुके हैं। उनके नेतृत्व में टोक्यो ओलिंपिक में इंडियन दल गया था। टोक्यो ओलिंपिक की 14 कैटेगरी में से इंडिया को 9 कैटेगरी में ओलिंपिक कोटा भी हासिल हुआ था। जबकि एक मेडल भी लवलीना के तौर पर इंडिया को मिला था। महिला वेल्टरवेट वर्ग (69 किग्रा) में उन्होंने इंडिया को कांस्य पदक दिलवाया था। इससे पहले 2016 और उसके बाद 2024 में इंडिया की झोली खाली रह गई थी। टोक्यो ओलिंपिक में बॉक्सिंग इतिहास का सबसे बड़ा इंडियन दल गया था। उसी उम्मीद में लॉस एजेंल्स से पहले उनकी वापसी करवाई गई है। बॉक्सरों की नर्सरी है हरियाणा : सिंधु हरियाणा बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष मेजर सत्यपाल सिंधु ने कहा क हरियाणा बॉक्सरों की पौध को तैयार करता है। जैसे खिलाड़ी का प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर है, उसे सेना व रेलवे में नौकरी का मौका मिल जाता है। खिलाड़ी फिर सेना और रेलवे की ओर से हरियाणा का नाम रोशन करते हैं। अब तो लड़कियां भी सेना में जॉइन करने लगी हैं।



Source link