CNG Cars कम खर्च में ज्यादा माइलेज और लो एमीशन के लिए जाना जाता है. सीएनजी गाड़ियां मौजूदा समय में काफी पॉपुलर हैं, क्योंकि ये पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी सस्ती रहती हैं. हालांकि, लोगों की शिकायत रहती है कि गाड़ी से माइलेज उतना नहीं मिल रहा जितना उम्मीद थी. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो हमारा ये लेख आपकी मदद करेगा.
कुछ आसान ट्रिक्स और आदतों से आप अपनी सीएनजी कार का माइलेज 10-20% तक बढ़ा सकते हैं. इससे न सिर्फ आपका खर्च कम होगा, बल्कि कार की परफॉर्मेंस भी बेहतर रहेगी. नीचे टॉप 5 सबसे प्रभावी ट्रिक्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप जल्दी फर्क महसूस करेंगे. आइए, एक-एक करके इन पर नजर डालते हैं.
1. हमेशा टायर प्रेशर सही रखें
सबसे आम और सबसे प्रभावी तरीका है टायरों में सही हवा भरना. कम प्रेशर वाले टायर रोलिंग रेसिस्टेंस बढ़ाते हैं, जिससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और सीएनजी ज्यादा खर्च होती है. हर हफ्ते या कम से कम 12-15 दिनों में टायर प्रेशर चेक करते रहें. साथ ही व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग भी समय-समय पर कराएं.
2. स्मूद और इकोनॉमिकल ड्राइविंग स्टाइल अपनाएं
आक्रामक ड्राइविंग जैसे तेज एक्सेलरेशन, अचानक ब्रेकिंग और हाई स्पीड (80 km/h से ज्यादा) माइलेज को बहुत कम करती है. सीएनजी कार में बेस्ट माइलेज 50-70 km/h की स्पीड पर मिलता है. हाईवे पर स्टेडी स्पीड रखें, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें. क्लच का ज्यादा इस्तेमाल न करें और सही समय पर गियर बदलें.
3. रेगुलर सर्विसिंग और CNG किट ट्यूनिंग करवाएं
सीएनजी कार की सर्विसिंग पेट्रोल कार से ज्यादा महत्वपूर्ण है. हर 5000-10000 किमी पर सर्विस करवाएं. एयर फिल्टर साफ करें या बदलें, क्योंकि गंदा फिल्टर एयर-फ्यूल रेशियो बिगाड़ता है. स्पार्क प्लग हर 15000-20000 किमी पर बदलें. समय-समय पर CNG किट की ट्यूनिंग भी करवाएं. इसमें लीकेज चेक, गैस इंजेक्टर की सफाई और ECU मैपिंग शामिल है.
4. एक्स्ट्रा लोड हटाएं
कार जितनी हल्की होगी, फ्यूल की खपत ही उतनी ही घट जाएगी. बूट में रखे सामान, एक्स्ट्रा सीट कवर, स्पेयर टूल्स अगर काम नहीं आ रहे हैं, तो उन्हें हटा दें. रूफ कैरियर या बॉक्स लगे हों, तो उतार दें क्योंकि ये एयर ड्रैग बढ़ाते हैं. एसी का इस्तेमाल सिर्फ जरूरत पर करें.
5. एयर फिल्टर, स्पार्क प्लग और CNG फिल्टर की सफाई
सीएनजी हल्की गैस है, इसलिए क्लीन एयर बहुत जरूरी है. एयर फिल्टर हर 5000-7000 किमी पर चेक/साफ करें और 10000-15000 किमी पर बदलें. CNG फिल्टर भी समय पर बदलें. गंदे फिल्टर से कम्बस्शन खराब होता है और माइलेज गिरता है. स्पार्क प्लग गैप चेक करवाएं, ज्यादा गैप से मिसफायर होता है.
इन ट्रिक्स को अपनाकर आप न सिर्फ माइलेज बढ़ा सकते हैं, बल्कि कार की लाइफ को भी लंबा कर सकते हैं. शुरुआत में 1-2 हफ्ते ट्रायल करके देखें, फर्क खुद नजर आएगा. सेफ ड्राइविंद के साथ अगर आपने ये टिप्स फॉलो करे, तो गाड़ी का माइलेज अगले दिन से ही बेहतर हो जाएगा.