इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा तीन दिन से लापता है। पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने भाई से पातालपानी जाकर आत्महत्या करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद परिजन पातालपानी पहुंचे, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला। 21 जनवरी की शाम रिटायर्ड इंस्पेक्टर अपने बड़े बेटे के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार को पातालपानी क्षेत्र में युवक की चप्पल मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि, रात होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम पातालपानी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाएगी। चिड़ियाघर जाने की बात कहकर घर से निकला था युवक रिटायर्ड इंस्पेक्टर जगन्नाथ गवई का बेटा मनीष 21 जनवरी को घर से चिड़ियाघर जाने की बात कहकर निकला था। शाम तक जब वह नहीं पहुंचा तो जगन्नाथ ने बेटे के मोबाइल पर कॉल किया। मनीष ने एक घंटे में घर लौटने की बात कही। लेकिन कुछ देर बाद बड़े बेटे दीपक का कॉल आया। उसने बताया कि उसके मोबाइल पर मनीष का एक मैसेज आया है, जिसमें लिखा है कि वह पातालपानी जाकर आत्महत्या करने वाला है। इसके बाद जगन्नाथ ने मनीष को कॉल किया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। वह बेटे दीपक को लेकर पातालपानी भी गए, लेकिन वहां मनीष के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। महू में खाई के पास मिली युवक की चप्पल इसके बाद रात में परिजन एरोड्रम थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के थानों को भी इसकी जानकारी दे दी। शनिवार को महू पुलिस को सूचना मिली कि खाई के पास एक युवक की चप्पल पड़ी हुई है। जांच में यह चप्पल मनीष गवई की होने की जानकारी सामने आई है। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी के अनुसार, शाम को कुछ लोग मौके पर पहुंचे थे, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह मनीष की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम खाई में सर्चिंग अभियान चलाएगी।
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