दतिया में बसंत पंचमी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली है। शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार तड़के तक रुक-रुक कर हुई मावठ (बारिश) रबी फसलों के लिए अमृत समान साबित हुई है। इस बारिश से गेहूं, चना, सरसों और मसूर की फसलों को नई संजीवनी मिली है। मौसम में आए इस बदलाव के बाद न्यूनतम तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे ठंड ने एक बार फिर वापसी कर ली है। मौसम विभाग के मुताबिक, करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। शनिवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और हल्का कोहरा भी देखने को मिला, जिससे कुछ समय के लिए दृश्यता (विजिबिलिटी) प्रभावित हुई। दिन भर मौसम बदला रहा और दोपहर के समय भी हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ का असर, अभी छाए रहेंगे बादल बीते कुछ दिनों से दिन के समय ठंड लगभग गायब हो गई थी और तेज धूप के कारण फरवरी जैसी गर्मी का अहसास होने लगा था। लेकिन मावठ के बाद अब सुबह और शाम के समय ठिठुरन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। तापमान में अभी ज्यादा बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। किसानों को सलाह- अभी सिंचाई टाल दें कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मावठ खासतौर पर गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। इससे बालियों में दाने भरने की प्रक्रिया मजबूत होगी। वहीं, चना और सरसों की फसलों को भी इसका लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें और मौसम को देखते हुए फिलहाल सिंचाई टाल दें।
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