केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस साल होने वाली जनगणना को लेकर मकानों की गणना के लिए तारीख के बाद अब प्रश्नावली का भी ऐलान कर दिया है, लेकिन राज्य सरकार एमपी में जनगणना निदेशक का पद नहीं भर पाई है। जबकि सवा दो माह बाद मकान गणना का कार्य शुरू होने वाला है। दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा तैयार कराई गई मकान गणना में एससी-एसटी और अन्य वर्गों की संख्या का आंकलन सरकार अप्रैल में ही कर लेगी। इसका खुलासा केंद्र सरकार की प्रश्नावली से हुआ है। सरकार इस दौरान यह भी पता कर लेगी कि कितने लोग अपने मकानों का व्यवसायिक और कितने निजी उपयोग करते हैं। किराए से मकान देने वालों की स्थिति भी इससे साफ हो जाएगी। जनगणना निदेशक की जिम्मेदारी प्रभारी अधिकारी के भरोसे केंद्र की सहमति से भरे जाने वाले इस पद के लिए राज्य सरकार को करीब चार महीने के अंतराल में कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला है। इसी कारण से सितम्बर में यहां पदस्थ रहीं एमपी कैडर की आईएएस अधिकारी भावना वालिम्बे के रिटायरमेंट के बाद से अब तक यहां जनगणना निदेशक की जिम्मेदारी प्रभारी अधिकारी के भरोसे है। 22 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए होने वाले मकानों की गणना के लिए प्रश्नावली जारी की है। इसमें बताया गया है कि किस तरह के सवाल लोगों को घरों तक पहुंचने वाले प्रगणक लोगों से पूछेंगे। इस महत्वपूर्ण काम के लिए राज्य में जनगणना निदेशक ही नहीं हैं। अभी एमपी के जनगणना निदेशक का पद छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में है। बताया जाता है कि यहां शुरुआत में आईएएस अधिकारी सूफिया फारुकी वली का नाम जनगणना निदेशक के लिए फाइनल हुआ था, लेकिन बाद में एफसीआई में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चली गईं। इसके बाद से इस पद के लिए किसी अधिकारी का नाम फाइनल नहीं हुआ है। जाति से लेकर रसोई में बनने वाले खाने तक नजर मकान गणना के लिए जो प्रश्नावली जारी की गई है उसमें 12वां प्रश्न जाति गणना से संबंधित है, जिसमें प्रगणक यह जानकारी लेंगे कि मकान में रहने वाला व्यक्ति एससी, एसटी या अन्य वर्ग का है। इसी तरह लोगों की रसोई में भी सरकार की एंट्री इन सवालों के जवाब के बहाने होगी कि जिस मकान की गणना की जा रही है वहां एलपीजी, पीएनजी या अन्य किस तरह का ईंधन उपयोग हो रहा है। वहां रहने वाले लोगों के खाने में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज क्या है? कार, जीप, वैन, मोटरसाइकिल, साइकिल, मोपेड की जानकारी के साथ मोबाइल, लैपटाप, कम्प्यूटर की रिपोर्ट जुटाई जाएगी और इससे यह साफ होगा कि कितने सुविधाभोगी लोग हैं। दो चरणों में होगी जनगणना, पहला चरण एक अप्रेल से जनगणना 2026 और 2027 में दो चरणों में होगी। पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गिनती की जाएगी। दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें लोगों की जनसंख्या, जाति और बाकी जरूरी जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसके लिए 16 जून 2024 को सरकारी अधिसूचना जारी की गई है। यह आजादी के बाद भारत की 8वीं और कुल 16वीं जनगणना होगी। फरवरी 2026 तक होगी डेढ़ लाख कर्मचारियों की तैनाती प्रदेश में जनगणना को लेकर फरवरी 2026 में पहले राउंड के लिए पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख कर्मचारियों की तैनाती होगी। 20 दिन में डिजिटल जनगणना का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद आंकड़ों को मिलाकर जनगणना आयुक्त को भेजा जाएगा। इस बार पूरी जनगणना डिजिटली होगी।
Source link