गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कर्तव्य पथ पर एक अलग ही दृश्य देखने को मिलेगा। जब ज़ांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, रैप्टर्स (बाज) और आर्मी डॉग्स कदमताल करेंगे। उनकी कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथों में होगी। हर्षिता इस वर्ष रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स (आरवीसी) के कंटिंजेंट की कमांडर हैं और सेना के जानवरों की इस विशेष टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं। आरवीसी भारतीय सेना की वह विशिष्ट शाखा है, जो सेना में उपयोग होने वाले जानवरों के प्रशिक्षण, स्वास्थ्य देखभाल और ऑपरेशनल तैयारियों की जिम्मेदारी संभालती है। यह कोर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों- जैसे ऊंचे पहाड़, रेगिस्तानी इलाके और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की ताकत को मजबूती देता है। सेना की इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए वे आरवीसी में महिला अफसरों की शुरुआती बैच का हिस्सा हैं। लंबे समय तक पुरुष-प्रधान माने जाने वाले इस कोर में उनका नेतृत्व अपने आप में अहम माना जा रहा है। बता दें कि सेना के जानवर पहले भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा रहे हैं, पर इस बार उन्हें एक संगठित और विशेष रूप से तैयार किए गए कंटिंजेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है। दूसरी पीढ़ी… पिता वायुसेना में सेवा दे चुके मैं अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की अधिकारी हूं। पिता वायुसेना में सेवा दे चुके हैं। इस बार आरवीसी कंटिंजेंट को खासतौर पर क्यूरेट किया गया है। ये जानवर भी भारतीय सेना के सिपाही हैं। ये हमारे साइलेंट वॉरियर्स हैं। सेना में ये जानवर रसद ढोने, गश्त, निगरानी व खोज-बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।’ -कैप्टन हर्षिता राघव
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