IND vs NZ 3rd T20I: भारत के तूफानी ओपनर अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में अपने बल्ले से तबाही मचाकर रख दी. अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों पर 68 रनों की नाबाद पारी खेली. अभिषेक शर्मा ने 340 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 7 चौके और 5 छक्के लगाए. अभिषेक शर्मा ने इस दौरान महज 14 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया.
अभिषेक शर्मा ने रचा इतिहास
अभिषेक शर्मा ने इसी के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ओपनर डेविड वॉर्नर का 8 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने के मामले में अभिषेक शर्मा ने डेविड वॉर्नर को पछाड़ते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. डेविड वॉर्नर ने साल 2018 में खेले गए एक टी20 इंटरनेशनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 20 गेंदों पर अर्धशतक ठोक दिया था.
वॉर्नर का 8 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा
अभिषेक शर्मा ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में सिर्फ 14 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया. इसी के साथ ही उन्होंने डेविड वॉर्नर का 8 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 14 गेंदों में अर्धशतक जड़कर दुनिया के नंबर 1 टी20 बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह और मजबूत कर ली. इस धमाकेदार पारी के दौरान अभिषेक अपने मेंटर युवराज सिंह के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए. युवराज के नाम किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अंतरराष्ट्रीय टी20 में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड है, जो उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में बनाया था. ओवरऑल रिकॉर्ड नेपाल के दीपेंद्र सिंह ऐरी के नाम है, जिन्होंने 2023 में महज 9 गेंदों में यह कारनामा किया था.
न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज T20I फिफ्टी
अभिषेक शर्मा (भारत) – 14 गेंद (2026)
डेविड वॉर्नर (ऑस्ट्रेलिया) – 20 गेंद (2018)
इफ्तिखार अहमद (पाकिस्तान) – 20 गेंद (2023)
ईशान किशन (भारत) – 21 गेंद (2026)
कैमरन व्हाइट (ऑस्ट्रेलिया) – 21 गेंद (2010)
इयोन मॉर्गन (इंग्लैंड) – 21 गेंद (2019)
मिशेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया) – 21 गेंद (2025)
मैच के बाद अभिषेक शर्मा ने क्या कहा?
अपनी तेज बल्लेबाजी के पीछे की सोच पर बात करते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम उनसे इसी तरह का इरादा चाहती है. हर मैच में ऐसा करना आसान नहीं होता और इसमें मानसिक मजबूती के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम के माहौल की भी बड़ी भूमिका होती है. रन चेज के दौरान पहली ही गेंद पर छक्का लगाने को लेकर उन्होंने साफ किया कि यह कोई सोची-समझी रणनीति नहीं थी, बल्कि गेंदबाज और उस गेंद को पढ़ने का उनका तरीका था.