जिस सड़क पर कार्रवाई, उसी में जोड़ दी दूसरी सड़क: 350 मीटर की बनाने पर PWD के 3 इंजीनियर सस्पेंड, अब 164 मीटर की बना दी – narmadapuram (hoshangabad) News

जिस सड़क पर कार्रवाई, उसी में जोड़ दी दूसरी सड़क:  350 मीटर की बनाने पर PWD के 3 इंजीनियर सस्पेंड, अब 164 मीटर की बना दी – narmadapuram (hoshangabad) News




नर्मदापुरम में लोकायुक्त छापों के बाद विवादों में आए पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईएनसी (इंजीनियर इन चीफ) जीपी मेहरा के कस्तूरी फार्म हाउस तक बनी सड़क के मामले में नया खुलासा हुआ है। जिस सड़क का अलाइनमेंट बदलकर कस्तूरी फार्म हाउस के भीतर 350 मीटर लंबी सीसी सड़क सरकारी खर्च से बनाई गई थी, उस मामले में पीडब्ल्यूडी के ईई, एसडीओ और सब इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया था। अब उसी सड़क को आगे जोड़ते हुए 164 मीटर लंबी डामर सड़क बना दी गई है। यह डामर सड़क भी कस्तूरी कृषि फार्म हाउस की निजी भूमि पर बनी है और स्कूल मार्ग से जुड़ती है। पीडब्ल्यूडी के वर्तमान चीफ इंजीनियर संजय मस्के और ईई (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) अनुराग सिंह सड़क बनाने की बात से इंकार कर रहे। उनका कहना है कि सड़क किसने बनाई हमें नहीं पता। जबकि पीडब्ल्यूडी के एसी योगेंद्र सिंह का कहना है कि सड़क हमने नहीं बनाई, पर कनेक्टिविटी के लिए सम्भवतः ठेकेदार ने बनाई होगी। वहीं रिटायर्ड ईएनएसी जीपी मेहरा भी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे है। इतना ही नहीं सरकारी खर्चे से सड़क बनने के बाद अब तक विभाग ने मेहरा की जमीन शासन को हस्तांतरित करने की कार्रवाई भी शुरू नहीं की है। डामर सड़क बनने के बारे में सवाल पूछने के बाद पीडब्ल्यूडी के ईई अनुराग सिंह, एसडीओ एके दुरापे मुआयना करने पहुंचे। सड़क की लंबाई, चौड़ाई नापकर और गुणवत्ता देख, उसकी एक रिपोर्ट चीफ इंजीनियर कार्यालय भोपाल को भेजने की तैयारी की है। जीपी मेहरा के करोड़ों रुपए की संपति की जांच में लोकायुक्त और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शामिल होने से पीडब्ल्यूडी के ईई अनुराग अधिकृत रूप से बाइट देने से बच रहे हैं। एनडीबी प्रोजेक्ट के तहत स्वीकृत सड़क न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) योजना के अंतर्गत सेमरी हरचंद से गजनई पुल तक 29.80 किमी लंबी सड़क और अन्य सड़कों के निर्माण के लिए कसाना बिल्डर्स को 139.47 करोड़ रुपए का वर्कआर्डर दिया गया था। इसी परियोजना में अतिरिक्त 1,305 मीटर सड़क बनाने की अनुमति पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन सचिव आरके मेहरा ने 13 मार्च 2023 को दी। इससे सड़क की कुल लंबाई 31.10 किमी और पैकेज की लागत 156.89 करोड़ रुपए हो गई। अतिरिक्त सड़क तीन हिस्सों में बनाई गई। पहला भाग तेलसिर-सैनी मेन रोड से फॉर्म गेट देवी मंदिर तक, दूसरा भाग तेलसिर-पालादेवरी मेन रोड से सैनी तक, और तीसरा भाग लगभग 700 मीटर लंबा था, जो सैनी गांव की प्राथमिक स्कूल से कस्तूरी फार्म हाउस की बाउंड्री वॉल के बाहर तक जाता है। पहले और दूसरे हिस्से की सड़क 3.75 मीटर चौड़ी और सही एलाइनमेंट के अनुसार बनाई गई। लेकिन तीसरे हिस्से का एलाइनमेंट बदलकर 350 मीटर लंबी सीसी सड़क फार्म हाउस के मेन गेट से अंदर तक बनाई गई। इसके बाद 164 मीटर लंबी डामर सड़क भी बनाई गई, जिसकी चौड़ाई 3 मीटर है। पुराने प्रपोजल को दिखाकर गलती छुपाने की कोशिश पीडब्ल्यूडी के सूत्रों के मुताबिक, कस्तूरी फार्म हाउस के भीतर अलाइनमेंट बदलकर सरकारी खर्चे से बनी सड़क की गलती छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। साल 2021 में जीपी मेहरा के फार्म हाउस के भीतर से सड़क बनाने का प्रपोजल तैयार कर भेजा गया था, जिसमें स्कूली बच्चों और किसानों के लिए रास्ता देने हेतु मेहरा की तरफ से जमीन दान करने का पत्र भी शामिल था। हालांकि 2022-23 में भेजे गए प्रपोजल में सड़क स्कूल से होते हुए फॉर्म हाउस की बाउंड्री वॉल के बाहर तक बनाई जाने का उल्लेख था और इसे ही स्वीकृति मिली थी। बावजूद इसके अलाइनमेंट बदलकर 350 मीटर लंबी सड़क फार्म के भीतर बना दी गई, जिस कारण तीन अफसरों को सस्पेंड किया गया था। सूत्रों का कहना है कि गलती छुपाने के उद्देश्य से अब डामर सड़क बना कर इसे जोड़ दिया गया। 2021 के प्रपोजल को ही कागजों में दिखाकर अलाइनमेंट बदलने की बात को खारिज करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह साबित किया जा सके कि फॉर्म हाउस के भीतर और बाउंड्री वॉल के बाहर बने सड़क प्रोजेवल शासन को भेजे गए थे। ढाई साल बाद भी न जमीन हस्तांतरण, न राशि वसूली की कार्रवाई पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईएनसी जीपी मेहरा पर विभाग के अफसर अब भी नरम दिख रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 9 अगस्त 2023 को गोविंद मेहरा और उनके पुत्र रोहित मेहरा ने कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा। इसमें बताया गया कि ग्राम सैनी के पीछे नाला होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। इसलिए बच्चों और किसानों की सुविधा के लिए फार्म के अंदर से सड़क बनाने की अनुमति दी जाती है। पत्र में उल्लेख था कि निजी भूमि के खसरा कमांक 12/1 से 67.75 मीटर लंबाई और 5.5 मीटर चौड़ाई की पटरी तथा प्रोटेक्शन वर्क निर्माण के लिए विभाग को सौंपा गया। पत्र को लिखे ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी अफसरों ने अब तक दान पत्र और जमीन के विधिवत हस्तांतरण की कार्रवाई शुरू नहीं की। साथ ही सरकारी खर्चे से बनी 350 मीटर लंबी सड़क में हुई लापरवाही के लिए इंजीनियरों और जीपी मेहरा से वसूली भी नहीं की गई। पीडब्ल्यूडी की जांच में सामने आया सच लोकायुक्त के छापों के बाद कस्तूरी फार्म हाउस के भीतर सरकारी खर्च से सड़क बनाने का मामला सामने आया। सेमरी हरचंद से गजनई पुल तक की मूल सड़क के अलावा 1,300 मीटर अतिरिक्त सड़क बनाने की स्वीकृति पीडब्ल्यूडी सचिव आरके मेहरा ने दी थी। सड़क निर्माण के बाद 21 दिसंबर 2023 को न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) प्रोजेक्ट के डायरेक्टर रहते हुए चीफ इंजीनियर भगवती प्रसाद बौरासी ने 1.30 किमी सड़क के भुगतान के आदेश दिए। फार्म हाउस में एलाइनमेंट बदलकर सड़क बनाने की जांच चीफ इंजीनियर बौरासी और प्रमुख अभियंता केपीएस राणा ने की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर 16 अक्टूबर को नर्मदापुरम के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री (ईई) संजय रायकवार, एसडीओ राजीव कुमार पाठक और सब इंजीनियर आरपी शर्मा को निलंबित कर दिया गया। मामले में चीफ इंजीनियर बौरासी और जीपी मेहरा के नजदीकी रिश्तेदार आरके मेहरा की भूमिका भी सवालों के घेरे में बनी हुई है। जानिए कौन हैं जीपी मेहरा गोविंद प्रसाद (जीपी) मेहरा पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईएनसी (इंजीनियर इन चीफ) और मेहर गढ़वाल समाज कल्याण परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वे भोपाल में रहते हैं, जबकि नर्मदापुरम जिले के सेमरी हरचंद के पास ग्राम सैनी उनका पुस्तैनी गांव है। मेहरा ने अपने साम्राज्य के तहत 90 से 100 एकड़ जमीन पर कई इन्वेंट्री और लक्जरी फार्म हाउस बनाए हैं। कस्तूरी कृषि फार्म हाउस में हाईटेक मल्टीलेवल गोशाला है, जिसमें 100 से अधिक गिर गायें हैं। यहाँ का दूध और घी ऑनलाइन और खुले बाजार में बेचा जाता है। फार्म से 17 टन शहद निकाला गया, जिसमें फ्लेवर्ड शहद भी शामिल है, जिसकी कीमत 150 से 600 रुपए प्रति किलो है। इसके अलावा जैविक काला गेहूं, देसी चना और मूंग की सप्लाई भी की जाती है। फार्म हाउस में मछली पालन के लिए दो बड़े और एक छोटा तालाब हैं, जिनके मुहाने पर लक्जरी रिसॉर्ट बनाए गए हैं। कुल 39 रिसॉर्ट हैं, जिनमें से 7 तैयार हैं और 32 निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2022 से जैविक उत्पादों की बिक्री की जा रही है, और कंपनी का टर्नओवर लगभग 2.50 करोड़ बताया गया है। फिलहाल निर्माण कार्य बंद है। करोड़ों की संपत्ति देख लोकायुक्त हैरान, ईडी भी जांच में शामिल 9 अक्टूबर को लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के नेतृत्व में जीपी मेहरा के भोपाल स्थित मणिपुरम कॉलोनी निवास, पुस्तैनी गांव सैनी और कृषि फार्म हाउस समेत चार ठिकानों पर छापे मारे गए। छापे के दौरान मणिपुरम कॉलोनी से लगभग 8.79 लाख नकद, 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 56 लाख की फिक्स डिपॉजिट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। ओपल रेजेंसी (दाना पानी, भोपाल) स्थित फ्लैट से 26 लाख नकद, लगभग 2.649 किलोग्राम सोना (लगभग 3.05 करोड़ रुपये) और 5.523 किलो चांदी (लगभग 5.93 लाख रुपये) जब्त हुई। ग्राम सैनी (सोहागपुर) स्थित फार्म हाउस से 17 टन शहद, कृषि भूमि, 6 ट्रैक्टर, 32 निर्माणाधीन कॉटेज, 7 तैयार कॉटेज, 2 मछली पालन केंद्र, 2 गौशालाएं और कई महंगे कृषि उपकरण मिले। मेहरा परिवार के नाम पर 4 लग्जरी कारें—फोर्ड एंडेवर, स्कोडा सलाविया, किया सोनेट और मारुति सियाज—रजिस्टर्ड पाई गईं। इतनी संपत्ति देखकर लोकायुक्त पुलिस भी हैरान रह गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। PWD चीफ इंजीनियर मस्के ने कहा-जांच चल रही है पीडब्ल्यूडी के वर्तमान चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया कि अलाइनमेंट बदलकर बनाई अतिरिक्त सड़क बनाने की जांच चल रही है। डामर सड़क हमने नहीं बनाई है। जीपी मेहरा से संपर्क करने कॉल किया। उन्होंने न कॉल रिसीव किया और न वाट्सएप मैसेज का जवाब दिया। ये खबरें भी पढ़ें… करीब 35 लाख रुपए कैश…3 करोड़ का सोना मिला भोपाल में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व चीफ इंजीनियर गोविंद प्रसाद (जी.पी.) मेहरा के भोपाल स्थित आवास समेत 4 ठिकानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत की गई… पूरी खबर पढ़ें 15 करोड़ का आसामी निकला PWD का पूर्व चीफ इंजीनियर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व चीफ इंजीनियर गोविंद प्रसाद (जीपी) मेहरा के भोपाल स्थित आवास समेत 4 ठिकानों पर छापा मारा था। शुक्रवार को उनके घर से मिले संपत्तियों और बैंक के कागजात का लोकायुक्त ने आंकलन शुरू कर दिया है… पूरी खबर पढ़ें



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