नर्मदा जयंती पर निर्झरणी महोत्सव का आयोजन, नृत्य नाटिका से जानी नर्मदा की गाथा

नर्मदा जयंती पर निर्झरणी महोत्सव का आयोजन, नृत्य नाटिका से जानी नर्मदा की गाथा


खरगोन. मां नर्मदा के प्रति आस्था और श्रद्धा प्रकट करने के लिए खरगोन जिले की धार्मिक नगरी मंडलेश्वर में नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर एक दिवसीय निर्झरणी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. यह आयोजन मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया. इस महोत्सव का यह छठवां वर्ष था. इसकी शुरुआत साल 2019 में नदी महोत्सव के रूप में हुई थी, जिसे बाद में निर्झरणी महोत्सव नाम दिया गया. अब यह आयोजन नर्मदा किनारे बसे प्रदेश के कई शहरों में भी होने लगा है. रविवार की शाम ऐतिहासिक राम घाट पर आयोजित इस महोत्सव में इंदौर, भोपाल और खरगोन के कलाकारों ने लोक नृत्य, भक्ति गायन और नृत्य नाटिका की शानदार प्रस्तुतियां दीं. कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग देर रात तक घाट पर मौजूद रहे. नर्मदा जयंती के मौके पर नगर परिषद द्वारा घाट और आसपास के मंदिरों को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था. नदी के बीच रंग-बिरंगे फाउंटेन और लेजर लाइट शो ने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया.

शाम करीब 7:30 बजे नर्मदा तट स्थित राम घाट पर मां नर्मदा की ककड़ा आरती की गई. इसके बाद रात 8 बजे मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार मेव, नगर परिषद अध्यक्ष विश्वदीप मोयदे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया. शुभारंभ के बाद खरगोन जिले के प्रवीण चौबे ने अपनी भोपाल टीम के साथ निमाड़ी लोक गायन की प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. इसके बाद इंदौर की प्रसिद्ध नृत्यांगना दीपिका सिंह और उनके साथियों ने मां नर्मदा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की.
भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
करीब एक घंटे तक चले इस नृत्य नाटिका में नर्मदा के उद्गम, उनकी प्रेम कथा, भगवान शिव से जुड़े प्रसंग और धार्मिक मान्यताओं को नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया. कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया. कार्यक्रम के अंतिम चरण में भोपाल की वाणी राव ने भक्ति गायन की प्रस्तुति दी. उनके मधुर भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया. श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए और वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया. देर रात तक श्रद्धालु घाट पर डटे रहे और कार्यक्रम का आनंद लेते रहे.

दीपिका सिंह ने साझा किया अनुभव
इंदौर की नृत्यांगना दीपिका सिंह ने लोकल 18 से खास बातचीत में कहा कि मां नर्मदा के पावन तट पर आकर उन्हें मानसिक शांति मिली. उन्होंने देश के कई शहरों में प्रस्तुति दी है लेकिन मंडलेश्वर जैसा वातावरण कहीं नहीं मिला. नर्मदा जयंती के अवसर पर पूजन करने और फिर उसी घाट पर मां नर्मदा पर आधारित प्रस्तुति देने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है.

नृत्य के जरिए नर्मदा की कहानी
दीपिका सिंह ने कहा कि उनकी नृत्य नाटिका में मां नर्मदा की जन्म कथा, रेवा नाम का महत्व, अन्य नदियों से विपरीत दिशा में बहने की कथा, कुंवारी रहने की मान्यता और उनकी प्रेम कहानी को नृत्य के जरिए प्रस्तुत किया गया. उन्होंने कहा कि प्रस्तुति की शुरुआत भगवान शिव से जुड़ी कथा से की गई क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार मां नर्मदा को भगवान शिव की पुत्री माना जाता है.



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