भारत और न्यूजीलैंड के बीच इन दिनों पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेली जा रही है. भारत ने रविवार को खेले गए तीसरे T20I मैच में न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हरा दिया और सीरीज पर कब्जा जमाते हुए 3-0 से अजेय बढ़त बना ली. इसी बीच एक बुरी खबर सामने आई है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है.
इस दिग्गज का अचानक हुआ निधन
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आई एस बिंद्रा, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक दिग्गज के निधन पर गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति.’
बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे. वह भारतीय क्रिकेट प्रशासन में एक प्रमुख व्यक्ति थे और उन्होंने कई सालों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) का नेतृत्व किया. पीसीए के साथ उनका जुड़ाव तीन दशकों से ज्यादा समय (1978 से 2014) तक रहा. प्रशासनिक भूमिकाओं में रहते हुए, बिंद्रा ने क्षेत्र और उसके बाहर क्रिकेट प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके लिए 2015 में उन्हें सम्मानित किया गया और क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए मोहाली में पीसीए स्टेडियम का नाम बदलकर आईएस बिंद्रा स्टेडियम कर दिया गया.
वर्ल्ड क्रिकेट में भारत की मजबूत स्थिति बनाने में अहम भूमिका निभाई
एक वरिष्ठ नौकरशाह के रूप में बिंद्रा ने 1990 के दशक में जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर वर्ल्ड क्रिकेट में भारत की मजबूत स्थिति बनाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने टेलीविजन अधिकारों में मौजूद व्यावसायिक अवसरों को पहचाना, जिसके चलते निजी प्रसारकों की एंट्री हुई. इससे क्रिकेट की वित्तीय संरचना पूरी तरह बदल गई और वैश्विक स्तर पर भारत का प्रभाव काफी बढ़ गया.
बेबाक राय के लिए जाने जाते थे
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, बिंद्रा ने आईसीसी को भारत में बड़े इवेंट्स आयोजित करने के अधिकार दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद वह आईसीसी अध्यक्ष के मुख्य सलाहकारों में से एक रहे. प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, बिंद्रा भारतीय क्रिकेट प्रशासन पर अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते थे. खासतौर पर उन्होंने आईपीएल 2013 के भ्रष्टाचार कांड के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी पर भी गंभीर सवाल उठाए थे.