नई दिल्ली. 157 किमी प्रति घंटे से गेंद फेंक कर सनसनी मचाने वाले उमरान मलिक आज कहा है ये हर कोई जानना चाह रहा है. जब सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने उमरान मलिक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मंच पर पेश किया था, तब लगा था कि भारत की वर्षों पुरानी तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ की तलाश अब खत्म हो गई है अपने दूसरे ही सीज़न में उमरान ने 22 विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी. हालांकि विकेटों से ज़्यादा चर्चा उनकी ख़ौफ़नाक रफ्तार और आक्रामक गेंदबाज़ी की थी, जिसने उन्हें हर घर में पहचाना जाने वाला नाम बना दिया.
लेकिन समय बदला आज हालात यह हैं कि उमरान मलिक न सिर्फ़ राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं, बल्कि हाल ही में उन्हें जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी टीम से भी बाहर कर दिया गया. यह बात कई लोगों को हैरान कर सकती है कि उमरान मलिक ने अब तक तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, यशस्वी जायसवाल और वरुण चक्रवर्ती जैसे खिलाड़ियों से ज़्यादा वनडे मैच खेले हैं. फिर भी वह चयन की कतार में काफी पीछे खिसक चुके हैं इसकी दो बड़ी वजहें रहीं. IPL 2022 के शानदार सीज़न के बाद उमरान को तेज़ी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारा गया। उन्होंने भारत के लिए 10 वनडे 8 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.
शानदार शुरुआत, फिर अचानक गिरावट
अपने पहले 12 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उमरान ने 21 विकेट चटकाए और वह प्रभावशाली भी दिखे. लेकिन समस्या थी निरंतरता की कमी. अगले पांच मैचों में जिसमें तीन वनडे भी शामिल थे वह सिर्फ़ तीन विकेट ही ले सके यहीं से उनका ग्राफ नीचे जाने लगा. इसके बाद चोटों ने उमरान का पीछा नहीं छोड़ा. डेंगू से जूझने के बाद उन्हें बाएं कूल्हे में स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया इस वजह से वह IPL 2025 से बाहर हो गए. इससे पहले भी चोटों के कारण वह IPL 2024 में SRH के लिए सिर्फ़ एक मैच ही खेल पाए थे. हालांकि इसके बावजूद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने उन्हें 75 लाख रुपये में खरीदा और मौजूदा सीज़न से पहले भी उन्हें रिटेन किया.
IPL 2026 से वापसी की तैयारी
अब उमरान की नज़र IPL 2026 के ज़रिए वापसी पर है लेकिन इसके लिए उन्हें अपने खेल में कई सुधार करने होंगे. उनकी गेंदबाज़ी कई बार बेहद बेकाबू दिखी और लाइन-लेंथ पर नियंत्रण की कमी साफ़ नजर आई. इसी कड़ी में दक्षिण अफ्रीका के महान तेज़ गेंदबाज़ डेल स्टेन ने उमरान मलिक को अहम सलाह दी है. 699 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाले स्टेन ने 2022 और 2023 में SRH के साथ काम करते हुए उमरान को काफ़ी करीब से देखा है. Xपर एक सवाल-जवाब सत्र के दौरान जब उनसे उमरान के गिरते प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो स्टेन ने कहा: रफ्तार आपका सबसे अच्छा दोस्त भी हो सकती है और सबसे बड़ी दुश्मन भी. उमरान को समझना होगा कि उसके पास सिर्फ़ एक गियर नहीं है. जब वह अलग-अलग पिचों पर अपनी गति को बदलने की कला सीख लेगा, तो वह फिर से वहीं पहुंच जाएगा, जहां उसका असली स्थान है.
स्मार्ट गेंदबाज़ी की ज़रूरत
डेल स्टेन का साफ़ संदेश है कि सिर्फ़ तेज़ गेंद डालना काफी नहीं है तेज़ रफ्तार आज भी दुर्लभ हथियार है, लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि उसका इस्तेमाल कब और कैसे करना है. खासतौर पर भारतीय पिचों पर, और वह भी टी20 क्रिकेट में, ज़्यादा रफ्तार कई बार बल्लेबाज़ों के लिए आसान हो जाती है. ऐसे में गति में बदलाव, लेंथ का कंट्रोल और स्मार्ट रणनीति उमरान के लिए वापसी की कुंजी बन सकती है. उमरान मलिक के पास अब भी वह रफ्तार है, जिसने उन्हें स्टार बनाया था लेकिन अगर उन्हें फिर से शीर्ष स्तर पर लौटना है, तो रफ्तार के साथ समझदारी जोड़नी होगी क्योंकि जैसा डेल स्टेन ने कहा, रफ्तार तभी तक ताक़त है, जब तक वह काबू में हो.