देवास में मंगलवार को जैन समाज के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और मातमौर तीर्थ हाईवे के पास हो रहे मकानों के विस्थापन का विरोध जताया। समाज का कहना है कि हाईवे निर्माण के कारण जिन लोगों को हटाया जा रहा है, उन्हें पहले उचित स्थान पर दूसरी जमीन दी जानी चाहिए। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह विस्थापन चापड़ा स्थित मातमौर तीर्थ, जिसे शिवपुर तीर्थ भी कहा जाता है, के आसपास हो रहा है। इससे तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक शांति और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन देने पहुंचे रवि जैन ने स्पष्ट किया कि समाज का विरोध किसी धर्म, जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्य मार्ग पर विस्थापन हुआ तो इससे साधु-संतों और जैन श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। नशाखोरी और मांसाहार बढ़ने की संभावना जताई
जैन समाज ने यह भी आशंका जताई कि मुख्य मार्ग पर आबादी हटने के बाद वहां मांसाहार और नशाखोरी जैसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जो जैन धर्म की आस्थाओं के खिलाफ हैं। इसी कारण समाज इस विस्थापन का विरोध कर रहा है। इस मौके पर जिले भर से जैन समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि विस्थापित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई जाए और तीर्थ क्षेत्र की धार्मिक गरिमा बनाए रखी जाए। जैन समाज को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
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