जोड़ों और कमर के दर्द में रामबाण इलाज ये पौधा, बालों का झड़ना भी करता है कम; जानें फायदे

जोड़ों और कमर के दर्द में रामबाण इलाज ये पौधा, बालों का झड़ना भी करता है कम; जानें फायदे


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पारिजात या हरसिंगार के फूल इतने सुगंधित होते हैं कि इसे रात की रानी कहा जाता है. लेकिन पारिजात के फूल सिर्फ सुगंधित ही नहीं होते हैं बल्कि यह औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. सबसे ज्यादा पारिजात या हरसिंगार के पत्ते में औषधीय गुण पाए जाते हैं.

आयुर्वेद में पारिजात या हरसिंगार को एक चमत्कारी औषधीय पौधा माना गया है. भारत में इसे पवित्र वृक्ष का दर्जा प्राप्त है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवराज इंद्र इसे स्वर्ग से पृथ्वी पर लाए थे. पारिजात का दूसरा नाम हरसिंगार है. इसके फूल छोटे, सफेद रंग के और अत्यंत सुगंधित होते हैं, जिनके बीच में चमकीला नारंगी रंग इसकी सुंदरता को और निखारता है. यह फूल केवल रात में ही खिलता है, इसी कारण इसे नाइट ब्लूमिंग जैस्मीन या रात की रानी भी कहा जाता है.

एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है हरसिंगार का पौधा
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पारिजात केवल अपनी सुंदरता और खुशबू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. इसके पत्ते, फूल और बीज स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं. फूलों से तैयार रस या लेप दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन में राहत देता है. वहीं इसके फूलों से बना तेल बालों के झड़ने को कम करता है और बालों में प्राकृतिक चमक लाता है. यह पौधा एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक है.

डॉ. विपिन सिंह के अनुसार हरसिंगार आयुर्वेद का एक अनमोल उपहार है. यह सिर्फ एक सजावटी पौधा नहीं है, बल्कि साइटिका, गठिया और जोड़ों के दर्द का प्रभावी प्राकृतिक उपचार भी है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमर दर्द, नसों में झनझनाहट और साइटिका जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं. गलत खानपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं.

हरसिंगार के पत्तों में है सूजन कम करने का गुण
डॉ. विपिन सिंह बताते हैं कि हरसिंगार के पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व सूजन को कम करते हैं और नसों को मजबूती प्रदान करते हैं. इसी वजह से आयुर्वेदिक वैद्य इसके काढ़े के सेवन की सलाह देते हैं. इसके लिए 5–7 ताजे पत्ते धोकर दो गिलास पानी में उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर गुनगुना पी लें. स्वाद के लिए इसमें शहद या अदरक मिलाया जा सकता है. सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से नसों की झनझनाहट और दर्द में धीरे-धीरे राहत मिलने लगती है.

कमर दर्द में भी बेहद लाभकारी है हरसिंगार
साइटिका, कमर दर्द और जोड़ों की अकड़न में भी हरसिंगार बेहद लाभकारी है. नियमित सेवन से सूजन कम होती है, जिससे शरीर की गतिशीलता बेहतर होती है. इसके अलावा, पत्तों को पीसकर दर्द वाली जगह पर लेप लगाने से भी आराम मिलता है. आयुर्वेद में हरसिंगार को नसों की कमजोरी, गठिया और पुराने दर्द के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित प्राकृतिक औषधि माना गया है.

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