बैतूल के खंडेलवाल परिवार ने एक मिसाल पेश की है। विकास नगर निवासी स्वर्गीय नारायण खंडेलवाल के निधन के बाद उनके बेटे मनोज खंडेलवाल ने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए आधी रात को उनका नेत्रदान करवाया। जानकारी के अनुसार, स्व. खंडेलवाल की मृत्यु के बाद रात में उनके बेटे मनोज खंडेलवाल ने निजी चिकित्सक डॉ. नूतन राठी से संपर्क किया। उन्होंने पिता की नेत्रदान करवाने की इच्छा व्यक्त की। सूचना मिलने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद बर्डे ने अपनी टीम को सक्रिय किया। डॉ. बर्डे के नेतृत्व में डॉ. शीतल मर्सकोले, सिस्टर गीता और रंजीता खोब्रागडे की टीम रात करीब 1 बजे अस्पताल पहुंची। लगभग 2 बजे तक कॉर्निया निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई। सुरक्षिक रखकर भोपाल भेजा
निकाले गए कॉर्निया को एक विशेष अंगदान बॉक्स में सुरक्षित रखकर तुरंत भोपाल भेजा गया। यह सुबह 5:41 बजे हमीदिया अस्पताल के आई बैंक में जमा किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में सीए धर्मेंद्र माहेश्वरी, विवेक तिवारी, सोनू सलूजा और आलोक खंडेलवाल सहित कई लोगों ने सहयोग किया। मनोज खंडेलवाल ने बताया कि उनके पिता ने लगभग छह-सात साल पहले देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद पता चला कि देहदान के लिए शरीर को भोपाल एम्स ले जाना पड़ेगा। उस समय परिजन और रिश्तेदार बैतूल में मौजूद थे, इसलिए परिवार ने देहदान की जगह नेत्रदान का निर्णय लिया, ताकि पिता के संकल्प का सार्थक रूप पूरा हो सके। स्वर्गीय नारायण खंडेलवाल के तीन पुत्र हैं। इनमें से दो मुंबई में बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि मनोज खंडेलवाल बैतूल में ही रहते हैं।
Source link