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Sagar Winter Tourist Spots: सर्दियों का मौसम चल रहा है. अब सर्दियां कुछ दिन की मेहमान हैं. धूप भी खिलने लगी है. ऐसे में अगर आप सुसाने मौसम के बीच फैमिली के साथ छुट्टियां मनाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो सागर से बाहर जाने की जरूरत नहीं. हम आपको ऐसी लोकेशन के बारे में बताते हैं जो आपको पचमढ़ी, कश्मीर, मुंबई की याद दिला देगा..
सबसे पहले बात करते हैं गौरझामर के पास स्थित नाहर मऊ की पहाड़ी की, जो सागर की सबसे ऊंची पहाड़ी है. इस पहाड़ी से जब पर्यटक प्रकृति को देखते हैं तो पचमढ़ी की यादें ताजा हो जाती हैं. वैसे ही गहरी खाई और लाखों पेड़ से पटा जंगल दिखाई देता है. यह नजारा आंखों को सुकून देता है. इस समय दूर-दूर से लोग इस अद्भुत जगह को देखने के लिए पहुंच रहे हैं.

ऐसा ही एक और स्थल गोरी दांत है. यह भी एक बड़ी चट्टान है, जिस पर लोग जब पहुंचते हैं तो यहां से बहने वाली नदी चट्टानों का कटाव और फिर दूर-दूर तक दिखाई देने वाला जंगल कश्मीर की यादें ताजा करा देते हैं. यहां पर सड़क का निर्माण होने के बाद दिन पर दिन पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है. यहां पर केवल प्रकृति दर्शन के लिए ही लोग पहुंचते हैं.

फैमिली के साथ घूमने के लिए सागर में अटल पार्क 13 एकड़ की जगह में बना हुआ है. यहां पर बच्चों की साइकिल ट्रैक से लेकर स्विमिंग पूल, चाट चौपाटी, गेम जोन और जानवरों के स्टैचू आकर्षित करते हैं. सागर के बाहर रुद्राक्ष धाम बामोरा में भी 16 एकड़ का परिसर है, जहां पर कई तरह की सेल्फी प्वाइंट हैं. यहां का हरा-भरा केंपस अलग ही अनुभूति देता है. यहां पर आस्था और पर्यटन का अनूठा संगम है.
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अगर आप सागर के रहने वाले हैं तो आपके लिए तो यही सबसे बड़ा एडवांटेज है. क्योंकि, अगर आपको जंगल से प्यार है तो सिटी फॉरेस्ट में पहुंचकर एकांत होकर प्रकृति का आनंद उठा सकते हैं. यहां बच्चों के लिए गेम जोन है. यहां का तितली वन तो हर किसी को आकर्षित करता है. सबसे बड़ा फायदा ये कि यह शहर से लगा हुआ है. कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं.

सागर से करीब 10 किलोमीटर दूर राजघाट बांध एक ऐसा स्पॉट है, जहां 12 महीने लोग परिवारों के साथ घूमने के लिए जाते हैं. यहां अथाह जल राशि हर किसी को अपनी तरफ खींचती है. इसके बाद कल कल बहती नदी और चट्टानों से नीचे गिरता पानी धुआंधार की याद दिला जाता है.

सागर में विश्व का सबसे बड़ा संत रविदास मंदिर भी 100 करोड़ की लागत से आकर ले रहा है, जिसका लगभग 80% काम पूरा हो गया है. यहां पर अभी से ही लोग घूमने के लिए जाने लगे हैं. दूसरी तरफ यहां पर होटल रिजॉर्ट रेस्टोरेंट जैसे निर्माण कार्य भी चल रहे हैं. यह स्थान भी प्रकृति की गोद में बना है. मंदिर का उद्घाटन होने के बाद तो देश-विदेश के लोग यहां पर आएंगे.

सागर शहर के बीचों-बीच स्थित तालाब यानी लाखा बंजारा झील का 100 करोड़ की लागत से गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य किए जाने के बाद यह एक अलग पर्यटक स्थल के रूप में उभर कर सामने आया है. यहां तालाब के चारों तरफ अलग-अलग स्पॉट हैं. जहां लोग इतिहास, संस्कृति, आस्था, पर्यटन और प्रकृति के अनूठे संगम को देखने के लिए पहुंचते हैं. ऊपर से तालाब में बना कॉरिडोर तो लोगों को मुंबई के सी लिंक की याद दिला देता है.

सागर शहर में ही घूमने के लिए इतने स्थल हैं कि आप फैमिली के साथ अच्छे तरीके से एंजॉय कर सकते हैं. इतिहास, संस्कृति, पर्यटन, आधुनिकता हर चीज से जुड़ी चीज से आप यहां रूबरू हो सकते हैं.