5 वजह… जिसके कारण पाकिस्तान नहीं कर सकता टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार

5 वजह… जिसके कारण पाकिस्तान नहीं कर सकता टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार


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5 reasons Pakistan can not pulls out t20 world cup: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की बहिष्कार करने की धमकी दे रहा है. पीसीबी इसके लिए प्रधानमंत्री की शरण में पहुंचा है. उसका कहना है कि उसके पीएम जो भी निर्देंश देंगे, उसी को वह मानेगा. लेकिन पीसीबी यह भूल रहा है कि अगर उसने वर्ल्ड कप का बॉयकॉट किया तो उसे भारी भरकम पैसों का नुकसान होने के साथ साथ उसकी पहचान भी दांव पर है. पाकिस्तान से भविष्य में आईसीसी टूर्नामेंट्स की मेजबानी भी छीना जा सकता है जिसमें 2028 महिला T20 वर्ल्ड कप भी शामिल है.

वो 5 वजह, जिसके कारण पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप कप का नहीं कर सकता बॉयकॉट.

नई दिल्ली. बांग्लादेश के समर्थन में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार की धमकी देना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारी पड़ सकता है. आईसीसी के कड़े नियमों और प्रसारणकर्ताओं के कानूनी शिकंजे के बीच पाकिस्तान के पास पीछे हटने का रास्ता लगभग बंद है. अगर पीसीबी वर्ल्ड कप के बहिष्कार का फैसला करता है, तो उसे न केवल करोड़ों डॉलर का वित्तीय नुकसान होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबन और पीएसएल की बर्बादी का भी सामना करना पड़ सकता है. यह सिर्फ एक टूर्नामेंट की बात नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की क्रिकेट पहचान का सवाल है. बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बाद स्कॉटलैंड की टीम की एंट्री हुई है.पीसीबी सोमवार तक यह फैसला सुनाएगा कि वह भारत और श्रीलंका में आयोजित होने वाले वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं.

पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द प्रसारणकर्ता (Broadcasters) हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ होने वाले महामुकाबले (15 फरवरी) से हटता है, तो ब्रॉडकास्टर्स पीसीबी पर 38 मिलियन डॉलर (लगभग 320 करोड़ रुपये) का मुकदमा ठोक सकते हैं. विज्ञापनों और प्रायोजन (Sponsorship) से मिलने वाला यह पैसा सीधे तौर पर उस एक मैच से जुड़ा है. एक दिवालिया होने की कगार पर खड़े बोर्ड के लिए यह कानूनी जुर्माना ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है.

वो 5 वजह, जिसके कारण पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप कप का नहीं कर सकता बॉयकॉट.

आईसीसी का ‘ब्लैकलिस्ट’ डर
आईसीसी के ‘टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट’ (TPA) के तहत, हर देश वर्ल्ड कप में खेलने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है. यदि पाकिस्तान बिना किसी ठोस सुरक्षा कारण के हटता है, तो आईसीसी उन्हें सस्पेंड कर सकती है. जैसा कि हाल ही में श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के साथ हुआ था, आईसीसी बोर्ड में ‘सरकारी हस्तक्षेप’ का हवाला देकर पाकिस्तान की सदस्यता रद्द कर सकती है.

राजस्व का सूखा: 3.45 करोड़ डॉलर दांव पर
पीसीबी की आय का एक बड़ा हिस्सा आईसीसी के सालाना रेवेन्यू पूल से आता है। बहिष्कार की स्थिति में आईसीसी पाकिस्तान का 34.5 मिलियन डॉलर (लगभग 285 करोड़ रुपये) का हिस्सा रोक सकती है. भारतीय बाजार से आने वाले इस पैसे के बिना पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट और खिलाड़ियों की सैलरी का ढांचा पूरी तरह चरमरा जाएगा.

पाकिस्तान क्रिकेट टीम

पीएसएल पर वार: विदेशी खिलाड़ियों का अकाल
पाकिस्तान की सबसे बड़ी ब्रांड, पाकिस्तान सुपर लीग (PSL), विदेशी खिलाड़ियों के दम पर चलती है. यदि आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाया, तो वह अन्य क्रिकेट बोर्ड्स को अपने खिलाड़ियों के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) जारी करने से रोक सकती है. बिना विदेशी सितारों के पीएसएल का आकर्षण खत्म हो जाएगा, जिससे प्रायोजक और दर्शक दोनों मुंह मोड़ लेंगे.

अंतरराष्ट्रीय अलगाव
क्रिकेट डिप्लोमेसी के दौर में, बहिष्कार का मतलब है अन्य क्रिकेट बोर्ड्स को नाराज करना. अगर पाकिस्तान वर्ल्ड कप का बॉयकॉट करता है, तो भविष्य में कोई भी बड़ी टीम (जैसे ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड) पाकिस्तान का दौरा करने से कतराएगी. इसके अलावा, पाकिस्तान से 2028 महिला टी20 वर्ल्ड कप जैसे भविष्य के टूर्नामेंट्स की मेजबानी भी छीनी जा सकती है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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