टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बल्लेबाज सस्पेंड, फिक्सिंग के आरोपों में चला ICC का हंटर, 14 दिन में देनी होगी सफाई

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले बल्लेबाज सस्पेंड, फिक्सिंग के आरोपों में चला ICC का हंटर, 14 दिन में देनी होगी सफाई


क्रिकेट की ग्लोबल गवर्निंग बॉडी ने बुधवार को कहा कि USA के बल्लेबाज आरोन जोन्स पर क्रिकेट वेस्ट इंडीज (CWI) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के एंटी-करप्शन कोड के पांच उल्लंघनों का आरोप लगाया गया है. ये आरोप 2023/24 में बारबाडोस की Bim10 लीग के साथ-साथ इंटरनेशनल मैचों में हुई कथित घटनाओं से संबंधित हैं. इन आरोपों के चलते जोन्स को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है और उनके पास 28 जनवरी, 2026 से आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय है.

फिक्सिंग के आरोप

ICC द्वारा बताया गया, ‘CWI कोड के आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन – 2023/24 में Bim10 टूर्नामेंट में मैचों के परिणाम, प्रगति, आचरण या अन्य पहलू को फिक्स करना, फिक्स करने की साजिश रचना या किसी भी तरह से अनुचित रूप से प्रभावित करना, या किसी समझौते या प्रयास का हिस्सा बनना (या ऐसा करने की कोशिश करना). इसके अलावा CWI कोड के आर्टिकल 2.4.2 का उल्लंघन का मतलब क्रिकेट वेस्ट इंडीज को ऐसे किसी भी संपर्क या निमंत्रण का विवरण न देना जो CWI कोड का उल्लंघन हो.

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CWI कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन

‘नामित एंटी-करप्शन अधिकारी (या उसके प्रतिनिधि) द्वारा CWI कोड के तहत संभावित अपराधों के संबंध में की गई उचित जांच में सहयोग करने में विफल रहना या इनकार करना.’ जोन्स, जिन्होंने USA के लिए 52 वनडे और 48 T20I खेले हैं, फिलहाल 7 फरवरी से शुरू होने वाले ग्लोबल इवेंट से पहले श्रीलंका में पुरुषों के T20 वर्ल्ड कप की तैयारी कैंप के लिए नेशनल टीम के साथ हैं.

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ICC से नहीं की शिकायत

ICC कोड के आर्टिकल 2.4.4 का उल्लंघन: ICC कोड के तहत भ्रष्ट आचरण में शामिल होने के लिए मिले किसी भी अप्रोच या इनविटेशन की पूरी जानकारी ICC ACU को न देना. इसके अलावा, ICC कोड के आर्टिकल 2.4.7 का उल्लंघन – ACU की संभावित भ्रष्ट आचरण की जांच में बाधा डालना, ऐसी जानकारी को छिपाकर और/या उसमें छेड़छाड़ करके जो जांच के लिए प्रासंगिक हो सकती थी, या जो सबूत बन सकती थी या भ्रष्ट आचरण के सबूत की खोज का कारण बन सकती थी. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आने वाले दिनों में ICC और भी लोगों पर इसी तरह के आरोप लगा सकता है. ‘ये आरोप एक बड़ी जांच का हिस्सा हैं जिसके परिणामस्वरूप उचित समय पर अन्य प्रतिभागियों के खिलाफ और भी आरोप लगाए जाने की संभावना है. ICC अनुशासनात्मक कार्यवाही के परिणाम आने तक इस मामले पर कोई और टिप्पणी नहीं करेगा.’



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