शाजापुर जिले में पत्नी की हत्या के एक मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी टीपू उर्फ शहरयार (33 वर्ष, निवासी मेवाती मोहल्ला, ग्राम दुपाडा) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 2000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश सोलंकी ने बताया कि यह घटना 23 जून 2024 की है। सुबह करीब 5 बजे सूचनाकर्ता नौशाद खां ने पुलिस चौकी दुपाडा को जानकारी दी थी कि आरोपी टीपू ने अपनी पत्नी रुखसार पर चाकू से हमला किया है। सूचना पर जब परिजन आरोपी के घर पहुंचे, तो रुखसार मृत पाई गईं और आरोपी मौके से फरार था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का शाजापुर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। मर्ग जांच के दौरान मृतिका के 5 वर्षीय बेटे ने महत्वपूर्ण बयान दिया। उसने बताया कि उसने रात में अपने पिता को मां के पेट में चाकू मारते हुए देखा था। विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपी टीपू अपनी पत्नी रुखसार पर चरित्र शंका करता था और इसी बात को लेकर अक्सर मारपीट करता था। घटना की रात भी चरित्र शंका के कारण ही उसने पत्नी पर चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने संपूर्ण जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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