रतलाम में बंदुक दुकान में रखा था बारुद: मौत के पहले संचालक पर लापरवाही का केस; तराजु व बाट भी रखे थे – Ratlam News

रतलाम में बंदुक दुकान में रखा था बारुद:  मौत के पहले संचालक पर लापरवाही का केस; तराजु व बाट भी रखे थे – Ratlam News




रतलाम के चांदनीचौक क्षेत्र में बंदुक दुकान पर हुए धमाके की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दुकान में विस्फोटक व ज्वलनशील पदार्थ बारुद रखा था। दुकान संचालक की मौत के पहले ही पुलिस ने संचालक पर लापरवाही का केस भी दर्ज कर लिया। यहां तक दुकान के अंदर तराजु व बाट भी रखे मिले है। ब्लास्ट के बाद धुए का जो गुबार उठा वह भी पोटेशियम का ही है। माणकचौक थाना पुलिस ने धमाके में घायल ग्राहक संदीप पाटीदार निवासी तीतरी के बयान लिए। बयान के आधार पर दुकान संचालक यूसुफ अली (58) पिता ईशाक अली निवासी सुनार बावड़ी के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस ने 27 जनवरी की शाम धारा 288 बीएनएस के तहत दुकान संचालक पर लापरवाही का केस दर्ज किया। इसी रात उनकी मौत हो गई। बुधवार रात करीब 9 बजे उनके शव को जैन स्कूल के पीछे बोहरा कब्रिस्तान में दफनाया। अब पुलिस मर्ग कायम कर आगे की जांच करेगी। मौत के कारण नहीं खोली दुकान जिला प्रशासन, पुलिस व एफएसएल की टीम दुकान संचालक की मौत के कारण बुधवार को दुकान नहीं खोली। गुरुवार को दुकान खोल कर टीम जांच कर सकती है। इधर हादसे के बाद दुकान के वीडियो में दुकान के अंदर तराजु व बाट रखे हुए मिले है, इससे आशंका है कि दुकान में विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ बारुद रखा था। जो कि तौल कर दिए जाने की संभावना है। यहां तक जो वेल्डिंग कर्मचारी जलने से घायल हुए है उनके बाल व शरीर भी पीले पड़ गए थे। अधिकारियों की माने तो यह स्थिति तब बनती है जब पोटेशियम में आग से कोई झुलसता है तो। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकान में बारुद रखा था। हालांकि अभी जांच होना बाकि है। लाइसेंस के बारे में अभी तक तलाशी नहीं धमाका 26 जनवरी को हुआ था। प्रशासन की टीम ने दुकान को सील कर दिया था। बंदुक की दुकान का लाइसेंस होने की बात सामने आई थी। लेकिन दुकान में बारुद के बेचने को लेकर कोई जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों के पास नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए। बयान में यह बताया घटना के बाद पुलिस ने ग्राहक संदीप का पुलिस ने बयान लिया था। जिसमें उसने बताया कि 26 जनवरी को लायसेंसी कारतुस 12 बोर लेने के लिए बंदूक की दुकान पर गया था। दुकान मे वेल्डिंग का काम चल रहा था। काम के समय वेल्डिंग की चिंगारी (आग) उड़ने से युसुफ अली की दूकान के अंदर रखी बंदूक के बारुद में आग लग गई। जिससे दुकान में रखा सामान जल गया। आग लगने से स्वयं व दुकान संचालक व दो वेल्डिंग कर्मचारी झुलस गए। बयान व प्राथमिक जांच में पुलिस ने पाया कि दुकान संचालक को मालूम होने के बावजूद वेल्डिंग कार्य के दौरान बंदूक के बारुद को किसी सुरक्षित स्थान पर नही रखा। लापरवाही की गई। तीन घायल इंदौर में उपचारत



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