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sanju samson failed again: विशाखापट्टनम में संजू को पिछली तीन पारियों के मुकाबले स्टार्ट मिला पर वो उसको कैश नहीं कर पाए. पहले तीनों मैच में तेज गेंदबाजों ने उनका शिकार किया और चौथे मैच में सैंटनर ने आउट किया. संजू चार पारियों में कुल मिलाकर उन्होंने केवल 39 रन बनाए हैं.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही T20I श्रृंखला किसी बुरे सपने से कम नहीं रही है. विशाखापत्तनम में हुए चौथे T20I में भी उनका बल्ला खामोश रहा और वह सिर्फ 23 रन बनाकर आउट हो गए. यह लगातार चौथा मैच था जब वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे.
उनकी इस निरंतरता की कमी ने न केवल टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर भी बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या उन्हें आगामी T20 विश्व कप टीम में जगह मिलेगी या प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के साथ ही उनका करियर समय से पहले खत्म हो जाएगा.
सैमसन की रनों से अनबन
संजू सैमसन की फॉर्म में निरंतरता की कमी हमेशा से एक मुद्दा रही है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में उनके स्कोर बेहद निराशाजनक रहे हैं. पहला T20 में 10 रन, दूसरा T20में 6 रन, तीसरा T20 में 0 रन (गोल्डन डक) और चौथा T20 में 23 रन. विशाखापट्टनम में संजू को पिछली तीन पारियों के मुकाबले स्टार्ट मिला पर वो उसको कैश नहीं कर पाए. पहले तीनों मैच में तेज गेंदबाजों ने उनका शिकार किया और चौथे मैच में सैंटनर ने आउट किया. संजू चार पारियों में कुल मिलाकर उन्होंने केवल 39 रन बनाए हैं. उनके आंकड़े टीम के लिए चिंता का विषय हैं, खासकर जब T20 विश्व कप कुछ ही दिन दूर है.
सैमसन को टीम का समर्थन
सैमसन के खराब प्रदर्शन के बावजूद, टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल और पूर्व खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने उनका समर्थन किया है. मोर्कल का मानना है कि सैमसन सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं और वह नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. वहीं, पूर्व भारतीय कप्तान के श्रीकांत जैसे विशेषज्ञ उनकी जगह पर सवाल उठा रहे हैं और ईशान किशन को एक अधिक “विनाशकारी” खिलाड़ी बता रहे हैं.
खतरे में संजू का करियर
ईशान किशन और ऋषभ पंत जैसे अन्य विकेटकीपर-बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के कारण, सैमसन की जगह खतरे में है. चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के पास कई विकल्प मौजूद हैं. अगर सैमसन अगले मैचों में अपनी फॉर्म वापस नहीं पाते हैं, तो उनके लिए टीम में बने रहना मुश्किल हो सकता है. संजू सैमसन को अब अपने बल्ले से जवाब देना होगा. उनके पास अपने आलोचकों को गलत साबित करने और टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए बहुत कम समय बचा है. यह उनके करियर का शायद सबसे महत्वपूर्ण दौर है, जहां एक चूक उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को अंधकार में धकेल सकती है.