सोने से सस्ता पर चमक में एक कदम आगे, सालोंसाल टिकता है ये ‘गोल्ड’, दूर से सुनार भी खा जाएं धोखा

सोने से सस्ता पर चमक में एक कदम आगे, सालोंसाल टिकता है ये ‘गोल्ड’, दूर से सुनार भी खा जाएं धोखा


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Kya Hai Vermeil Gold: सोना-चांदी महंगा होने के बाद बाजार तो हिला ही, आम आदमी का बजट भी हिल गया. जब गहने खरीदना आम आदमी की पहुंच से दूर हुआ तो बाजार में वर्मील गोल्ड का चलन तेजी से बढ़ गया. इसकी खासियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे दूर से देखने पर सुनार भी धोखा खा जाते हैं.

Indore News: सोने के दाम में पिछले एक साल में 80 हजार की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जबकि चांदी ने भी रिकॉर्ड तोड़े हैं. ऐसे में गहने खरीदना आम आदमी के बस से बाहर हो चुका है. यही वजह है कि बाजार में अब कई अन्य विकल्प सामने आ गए हैं. इनका प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. इसी में आता चाइनीज गोल्ड, जिसे ‘गोल्ड वर्मील’ भी कहा जाता है, जिसकी डिमांड काफी बढ़ चुकी है. साथ ही आर्टिफिशियल ज्वेलरी की भी काफी मांग है.

वर्मिल गोल्ड का बढ़ा क्रेज
दरअसल 22 कैरेट के सोने से बने गहने काफी महंगे हो चुके हैं, इसलिए वर्मील गोल्ड एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है. इसमें 92.5% शुद्ध चांदी इस्तेमाल की जाती है. उसके बाद इस पर सोने की एक मोटी परत चढ़ाई जाती है. हालांकि, यह एकदम सोने की तरह ही चमके, इसलिए इससे बने गहने पर कम से कम 2.5 माइक्रोन मोटी परत होनी चाहिए.

असली सोने से काफी सस्ता
सराफा व्यापारी हुकुम सोनी ने बताया, वर्मील गोल्ड इतना चमकदार होता है कि कई बार सुनार खुद भी दूर से देखकर इसे नहीं पहचान पाते. इसकी बनवाई भी 250 से 300 प्रति तोला है. यह असली सोने के मुकाबले काफी सस्ता है, लेकिन साधारण आर्टिफिशियल ज्वेलरी से महंगा है. सोने की मोटी परत होने की वजह से सालों साल यह चमकदा रहता है. इसकी बाजार में कीमत 3500 रुपए तोला के आसपास है. हालांकि, कीमत चांदी और सोने के भाव के अनुसार घटती बढ़ती रहती है.

कॉपर प्लेटेड गोल्ड की भी मांग
सराफा व्यापारी अजय लाहोटिया ने बताया, बाजार में चाइनीज और जापानी गोल्ड के नाम से आर्टिफिशियल गोल्ड भी काफी बिकता है. सोने के मुकाबले इसका दाम कौड़ियों के भाव में होता है, जबकि यह उतना ही चमकदार और वजनदार होता है. इसे बनाने वाली बेनटेक्स जैसी कंपनियां गहनों को कॉपर की वजनदार प्लेट से बनती हैं, जिसपर सोने की परत चढ़ाई जाती है. उसके ऊपर प्लास्टिक को कोट किया जाता है, ताकि यह जल्दी खराब न हो. सोना काफी महंगा हो चुका है, जिन लोगों का बजट इतना नहीं होता वह इसे प्राथमिकता देते हैं.

समझने वाली बात है कि अब भी मध्यमवर्गीय लोग सोने को ही प्राथमिकता देते हैं. शादी में बहू को गहना चढ़ाना हो या बेटी को देना हो लोग इसे बजट के अनुसार खरीदते हैं. पहले से अपना बजट तय करके आते हैं. फर्क बस इतना है कि पहले कम बजट में ज्यादा वजन का गहना मिल जाता था, लेकिन अब वही कम वजन वाला लेकिन थोड़ा भरा हुआ गहना लोग पसंद करते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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सोने से सस्ता पर चमक में एक कदम आगे, इस ‘गोल्ड’ को देख सुनार भी खा जाएं धोखा



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