सभी कलेक्टर लगातार किसानों के साथ संवाद करें और मंडियों का निरीक्षण भी करते रहें। कृषक कल्याण वर्ष में पूरा फोकस कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार ढूंढने में हो। साथ ही ये प्रयास हो कि खेती के उत्पादों का मूल्य संवर्धन कैसे हो। कृषि उत्पादों के लिए पूरी कमर्शियल चेन भी विकसित की जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए। उन्होंने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष किसानों को गर्मी की मूंग की जगह अधिक से अधिक रकबे/मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जलवायु, ऊर्जा और सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल के बारे में जानकारी दें। कृषि सेक्टर में वित्त के नए स्रोत उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड जैसी योजनाओं से संसाधन जुटाए जाएंगे। अगले दो साल प्रदेश में 50 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे
इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को दो कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ में 1.80 करोड़ रुपए से बने भैरवनाथ मंदिर एवं परिसर का लोकार्पण किया और रीवा में सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के पास 350 करोड़ रुपए के नवीन मेडिकल कैम्पस का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आधुनिक विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भैरवनाथ मंदिर को आस्था और प्राचीन विरासत का जीवंत प्रतीक बताया। मेडिकल कैम्पस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 से पहले जहां प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अगले दो वर्षों में इनकी संख्या 50 हो जाएगी।
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