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Tere Mere Sapne: शादी… जिसे सात जन्मों का बंधन कहा जाता है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस रिश्ते की तस्वीर को डरावना बना दिया है. हनीमून पर गया जोड़ा… लौटकर आया तो सिर्फ एक. नीले ड्रम में बंद लाश… जिसने पूरे देश को सन्न कर दिया और प्यार के नाम पर धोखे से टूटा एक और परिवार. इन मामलों ने न सिर्फ समाज बल्कि सरकार को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. अब सरकार ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और अपराध को रोकने के लिए प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर शुरू किया है. आइए जानते हैं…
शिवकांत आचार्य
इस काउंसलिंग में शादी से पहले लड़का और लड़की दोनों की मानसिक सोच, अपेक्षाएं, गुस्सा,आपसी संवाद और जीवन मूल्यों को समझने की कोशिश की जाएगी, ताकि भविष्य में होने वाले विवाद, हिंसा या बड़े अपराधों को रोका जा सके. इसके लिए सवाल भी तैयार किए गए हैं, जिसे शादी से पहले दोनों से पूछा जाएगा.
ये रहे 14 सवाल…
1. मेरा साथी बिना पूछे मेरा फोन चेक करता/करती है
2. जब मैं दोस्तों के साथ बाहर जाता/जाती हूं तो वह नाराज हो जाता/जाती है
3. हम एक दूसरे की व्यक्तिगत सीमा पर चर्चा करते हैं और उसका सम्मान करते हैं
4. जब झगड़ा होता है तो मेरा साथ ही चुप हो जाता है और वह बात नहीं करता
5. हम बिना जज किए किसी भी अजीब विषय पर बात कर सकते हैं
6. वह ऐसे मजाक करता/करती है जिससे मेरी भावनाएं आहत होती हैं
7. मेरा साथी कहता है कि घर का काम पुरुषों के लिए नहीं होता
8. हम जिम्मेदारियां कौशल और आपसी सहमति के आधार पर बांटते हैं
9. मेरा साथी मेरे बिना ही बड़े फैसले ले लेता है.
10. जब मैं अपने/अपनी तनाव के बारे में बात करता हूं/करती हूं तो वह ध्यान से सुनता/सुनती है और टालता/टालती नहीं है
11. जब मैं रोता/रोती हूं तो वह कहता है कि मैं ज्यादा रिएक्ट कर रहा/रही हूं
12. वह मुझे मेरे लक्ष्य और सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता/करती है
13. वह कहता है कि अगर शादी कर रही है तो मुझे शारीरिक संबंध के लिए मना नहीं करना चाहिए
14. वह हमेशा पूछता/पूछती है क्या मुझे शारीरिक निकटता में सहजता महसूस हो रही है
निर्भया फाउंडेशन को जिम्मेदारी मिली
निर्भया फाउंडेशन जिसे ये जिम्मेदारी मिली है, उसकी संचालिका समर खान कहती हैं कि यह राष्ट्रीय महिला आयोग का एक पायलट प्रोजेक्ट है जिस तरीके से नव दंपति के बीच विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं उसी को लेकर एक प्री मैरिटल काउंसलिंग सेंटर शुरू किया गया है. इसमें भावी दंपति के साथ बैठकर काउंसलिंग की जाएगी और उन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी जिससे भविष्य में होने वाली विवाद और घटनाओं को रोका जा सके और अगर संवाद के दौरान ऐसी बातें सामने आती हैं, जिससे कि उनके वैवाहिक जीवन सही नहीं चलेगा तब उनके माता-पिता से बात की जाएगी
ताकि आगे कोई समस्या न आए…
प्रदेश की महिला एंव बाल विकास विभाग मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने पति पत्नी के बीच होने वाले लड़ाई झगड़ों पर अपराध में कमी लाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसे ‘तेरे मेरे सपने’ नाम दिया गया है. इसके माध्यम से भाभी दंपति की काउंसलिंग कर यह जाना जाएगा कि इनका वैवाहिक जीवन में कोई भी समस्या ना हो. आप भी ऊपर दिए सवालों से पता कर सकते हैं कि आपका रिश्ता कैसा रह सकता है. अब देखना होगा कि सरकार की ये पहल रिश्तों को जोड़ने का काम करती है या सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाती है.
About the Author
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें