खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम बैतूल में खेलो इंडिया जनजातीय महिला हॉकी चयन ट्रायल का आयोजन किया गया। चयन प्रक्रिया सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुई। इसमें प्रदेश के सात जिलों रायसेन, मंडला, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, देवास एवं उमरिया की लगभग 35 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी पूजा कुरील ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों से मध्य प्रदेश की टीम का गठन किया जाएगा, जो आगामी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी। अधिकारियों की मौजूदगी और चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया के दौरान हॉकी संघ बैतूल के अध्यक्ष अक्षय वर्मा, सचिव जगेंद्र तोमर, श्री टोप्पो एवं विनय यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। खिलाड़ियों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य राम नारायण शुक्ला एवं राधेलाल बनखेड़ द्वारा किया गया, जबकि खेल योग्यता का मूल्यांकन तपेश साहू अजय मिश्रा एवं जगेंद्र तोमर ने किया। चयन सूची जारी नहीं, प्रक्रिया पर उठे सवाल
खास बात यह रही कि देर रात तक चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी नहीं की जा सकी। खेल अधिकारी पूजा कुरील ने बताया कि दस्तावेजों के मिलान में देरी होने के कारण सूची जारी नहीं की जा सकी है। वहीं हॉकी संघ के सचिव जगेंद्र तोमर के अनुसार, खिलाड़ियों की आयु सीमा को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही और संचालनालय से आवश्यक निर्देश न मिलने के कारण सूची जारी करने में विलंब हुआ। वरिष्ठ खिलाड़ी ने उठाए सवाल
वरिष्ठ खिलाड़ी बबलू हेमचंद्र दुबे ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा, “जिस मैदान पर चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, उसकी एस्ट्रो टर्फ खेलने लायक नहीं है। इसी कारण नई ब्लू एस्ट्रो टर्फ बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसी परिस्थितियों में चयन न केवल अनुचित रहा बल्कि खिलाड़ियों के लिए खतरनाक भी था — वे गंभीर रूप से चोटिल हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि चयन सूची देर रात तक जारी न होना संदिग्ध चयन प्रक्रिया की ओर संकेत करता है। दस्तावेजों का मिलान चयन से पहले होना चाहिए था, जबकि खिलाड़ियों की आयु वर्ग को लेकर भी स्पष्टता नहीं रही, जो चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न खड़े करता है।
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