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भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमी फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अफ़ग़ानिस्तान को हराकर एक और ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर लिया. इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाया और 311 रनों के बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया. यह जीत भारतीय युवा क्रिकेट की गहराई और भविष्य की चमक को दर्शाती है
ओपनर्स की आंधी की बदौलत भारतीय टीम अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में, अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया.
नई दिल्ली. भारतीय बल्लेबाजी के बाहुबलियों ने एक बार फिर साबित कर दिया की उनका अंडर 19 वर्ल्ड कप में कोई सानी नहीं है. भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमी फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अफ़ग़ानिस्तान को हराकर एक और ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर लिया. इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में बेहतरीन खेल दिखाया और 311 रनों के बड़े लक्ष्य 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया. यह जीत भारतीय युवा क्रिकेट की गहराई और भविष्य की चमक को दर्शाती है. जीत के हीरो रहे वैभव सूर्यवंशी शतकवीर आरोन जॉर्ज और आयुष महात्रे.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अफ़ग़ानिस्तान की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 310 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया. उनके बल्लेबाज़ों ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश की. मध्यक्रम में फैजल और उजैरउल्ला की शतकीय पारियों ने मजबूती आधार दिया और वहीं अंतिम ओवरों में तेज़ रन बटोरकर स्कोर को 300 के पार पहुँचाया. भारत ने ये स्कोर 41.1 ओवर में ही हासिल कर लिया.
ओपनर्स की आंधी
311 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार अंदाज़ में पारी की शुरुआत की और अफ़ग़ान गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया. उनकी तेज़ तर्रार बल्लेबाज़ी ने भारत को पावरप्ले में शानदार शुरुआत दिलाई वैभव के शॉट चयन और निडर रवैये ने दर्शकों का दिल जीत लिया. वैभव ने महज 33 गेंदों पर 68 रनों की पारी खेली जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे. 10 ओवर में वैभव जब आउट हुए तो स्कोरबोर्ड पर 90 रन लग चुके थे जीत का रास्ता खुल चुका था. वैभव के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे आरोन जॉर्ज ने सेमी फाइनल को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया. अरुण जॉर्ज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ शतकीय पारी खेली. अरुण ने 104 गेंदो पर 115 रनों की पारी खेली.
कप्तानी पारी और बड़ी साझेदारी
कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए टीम को मजबूती प्रदान की. उनकी कप्तानी पारी ने टीम को दबाव से बाहर रखा और साझेदारी को लंबे समय तक टिकाए रखा. आयुष ने अनुभव और परिपक्वता का शानदार परिचय दिया, जो एक युवा कप्तान के लिए बेहद सराहनीय है. आयुष ने 59 गेंदों पर 62 रनों की पारी खेली और जॉर्ज के साथ 114 रनों की मैच जिताउ साझेदारी करके टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया. भारतीय बल्लेबाज़ों की इस शानदार साझेदारी के सामने अफ़ग़ानिस्तान के गेंदबाज़ बेबस नज़र आए. लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने बेहद आसानी से 312 रन पूरे कर लिए औरमुकाबला अपने नाम कर लिया.
इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसका अंडर-19 क्रिकेट ढांचा दुनिया में सबसे मजबूत है. आरोन जॉर्ज का शतक, वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत और आयुष म्हात्रे की कप्तानी पारी इस ऐतिहासिक जीत के मुख्य स्तंभ रहे.