कपड़े मेकअप नहीं…शिवपुरी में सजता भैसों का बाजार, उन्नत नस्ल की कीमत लाखों में!

कपड़े मेकअप नहीं…शिवपुरी में सजता भैसों का बाजार, उन्नत नस्ल की कीमत लाखों में!


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Shivpuri Karera Market: शिवपुरी के करेरा हाट में लाखों की कीमत वाली भैंसों और गायों की खरीद–फरोख्त से मंडी गुलजार रहती है. यह हाट न केवल पशुपालकों के लिए बल्कि डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने वाला केंद्र बन गया है. उन्नत नस्ल की भैंसों और गायों के खुले सौदे से खरीदारों को पारदर्शिता का भरोसा मिलता है. हाट सप्ताह में दो दिन भैंसों और एक दिन गायों के लिए सजता है. करेरा हाट से स्थानीय किसानों और डेयरी संचालकों को लाभ मिल रहा है और दूध उत्पादन में वृद्धि हो रही है.

MP NEWS: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पशुपालन अब केवल परंपरागत आजीविका तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संगठित और लाभकारी व्यवसाय का रूप ले चुका है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है करेरा विधानसभा क्षेत्र के टोडा–करेरा इलाके में लगने वाला भैंसों का हाट. जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान आज प्रदेश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक केंद्रों में गिना जाने लगा है.

लाखों की कीमत वाली भैंसें और खरीदारों की भीड़
भैंसों का यह बाजार अब सिर्फ आसपास के गांवों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से भी व्यापारी और पशुपालक यहां पहुंचते हैं. उन्नत नस्ल की दुधारू भैंसें, जिनका दूध उत्पादन अधिक और शरीर की बनावट मजबूत होती है, लाखों रुपए में बिकती हैं. बोली प्रक्रिया खुले मैदान में होती है, जिससे खरीदार पशु की जांच-पड़ताल कर सकते हैं.

सप्ताह में दो दिन सजती है मंडी
स्थानीय पशुपालक अवध किशोर यादव के अनुसार, भैंसों का हाट हर सोमवार और शुक्रवार को लगता है. सुबह से ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो जाती है. बड़े ट्रक, पिकअप और अन्य वाहनों में भैंसें लाकर यहां रखा जाता है. यह मंडी केवल खरीदारी के लिए नहीं, बल्कि नई नस्लों की जानकारी लेने और बाजार की चाल समझने के लिए भी लोगों को आकर्षित करती है.

डेयरी कारोबार को नई दिशा
हाट बाजार से स्थानीय डेयरी संचालकों को बड़ा लाभ मिल रहा है. पहले अन्य जिलों या राज्यों से दुधारू पशु खरीदने जाना पड़ता था, लेकिन अब करेरा में ही उचित मूल्य पर पशु मिल रहे हैं. इससे समय और परिवहन खर्च की बचत होती है. नए डेयरी फार्म खुल रहे हैं और दूध संग्रहण का दायरा लगातार बढ़ रहा है.

गायों की अलग मंडी
भैंसों के साथ-साथ हर बुधवार को दुधारू गायों का हाट भी लगता है. यहां उन्नत नस्ल की गायों की खरीद-फरोख्त होती है. तयशुदा दरों और खुले सौदे से खरीदारों को पारदर्शिता का भरोसा मिलता है और किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार पशु चुनते हैं.

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shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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