राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना क्षेत्र के गोघटपुर गांव में पकड़ी गई अवैध ड्रग फैक्ट्री का खुलासा मंगलवार को हुआ था। खुलासे के बाद भी मुख्य आरोपी रघुनंदन पाटीदार अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। राजस्थान और राजगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने गांव में दबिश देकर फैक्ट्री का खुलासा किया था, लेकिन उससे पहले ही आरोपी फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, यह ड्रग फैक्ट्री गांव के मेन मार्केट के पास एक संकरी गली में स्थित रघुनंदन पाटीदार के पुराने दो मंजिला कच्चे मकान में चल रही थी। मकान से ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और कई उपकरण बरामद किए गए हैं। सामने आए वीडियो में कमरे के अंदर आटा चक्की, इंडक्शन चूल्हा, केमिकल और संदिग्ध सामान साफ नजर आ रहा है। ग्रामीणों को भनक तक नहीं
ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गोघटपुर गांव राजस्थान सीमा से सटा है और झालावाड़ जिले की सीमा यहां से करीब दो किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि सीमा के पास इतने समय से यह गतिविधि कैसे चल रही थी और किसी को भनक तक क्यों नहीं लगी। जब भास्कर की टीम आरोपी के घर पहुंची तो गेट बंद मिला। दरवाजा खटखटाने पर आरोपी की मां रुक्मण पाटीदार बाहर आईं। उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात पुलिस उनके घर आई थी और अंदर तलाशी ली। उनका कहना है कि पुलिस क्या-क्या सामान ले गई, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि उस वक्त परिवार के लोग ऊपर के कमरे में थे। रुक्मण पाटीदार ने पुलिस द्वारा बताई जा रही फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी अपना मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा खेती करता है और मादक पदार्थ से जुड़े किसी काम की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आरोपी के चाचा राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि मंगलवार को रघुनंदन खेत में सिंचाई करने गया था और बाद में रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। उन्होंने भी किसी अवैध काम की जानकारी होने से इनकार किया। परिजन बोले- घर का सामान ले गई पुलिस
राधेश्याम के अनुसार, बुधवार सुबह जब वे अपने छोटे भाई गोवर्धन के घर पहुंचे तो वहां पुलिस मौजूद थी। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने रात में घर का फाटक खुलवाकर तलाशी ली और आटा चक्की, तीन इंडक्शन चूल्हे, पीतल की बड़ी थाली और तोलने के तीन कांटे अपने साथ ले गई। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी रघुनंदन पाटीदार की तलाश कर रही है। वहीं गांव में ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद लोगों में डर का महौल है।
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