अनूपपुर जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक के जलेश्वर इलाके में गुरुवार, 5 फरवरी की देर रात एक बाघ देखा गया। शहडोल-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर बाघ के टहलने का वीडियो वहां से गुजर रहे एक कार सवार दंपति ने अपने मोबाइल में कैद किया, जिसके बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 10 के पार्षद देवानंद खत्री के रिश्तेदार एक समारोह से लौट रहे थे, तभी उन्होंने बाघ को सड़क पर चलते और फेंसिंग पार करने की कोशिश करते देखा। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रात करीब ढाई बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बाघ जंगल में जा चुका था। शुक्रवार सुबह की जांच में वन विभाग को मौके पर बाघ के पैरों के निशान (पगमार्क) मिले हैं। छत्तीसगढ़ से आने की संभावना वन परिक्षेत्र अधिकारी वीरेंद्र श्रीवास्तव ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह बाघ संभवतः छत्तीसगढ़ के अचानकमर टाइगर रिजर्व से भटककर अमरकंटक पहुंचा होगा। वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए मुनादी कराई जा रही है। पिछले साल भी आई थी मादा बाघिन अमरकंटक में बाघ की आहट ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। पिछले साल जनवरी में भी एक मादा बाघिन इस इलाके में आई थी, जिसने भेजरी और जलेश्वर में गायों का शिकार किया था। उस समय नर्मदा जन्मोत्सव के दौरान भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने उस बाघिन को रेस्क्यू कर सीधी भेजा था। अब एक बार फिर बाघ की सक्रियता ने स्थानीय लोगों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले या पैदल बाहर न निकलें।
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