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सूरजमुखी को आमतौर पर बीज से उगाया जाता है, लेकिन इसे तने की कलम से भी उगाया जा सकता है. यह प्रक्रिया थोड़ी नाजुक है और पौधे को प्रतिदिन कम से कम 6 घंटे धूप की जरूरत होती है. कलम से उगाया गया पौधा अपने मूल पौधे का हूबहू रूप होता है, इसलिए व्यावसायिक बागवानी और घरेलू गार्डनिंग में इसे प्राथमिकता दी जा रही है.
हालांकि सूरजमुखी को बीज से उगाना आम है, लेकिन तने की कलम से भी इसे उगाया जा सकता है. यह प्रक्रिया थोड़ी नाजुक होती है और पौधे को प्रतिदिन कम से कम 6 घंटे धूप की आवश्यकता होती है.<br />कलम से उगाया गया पौधा अपने मूल पौधे का हूबहू रूप होता है. यही कारण है कि व्यावसायिक बागवानी और घरेलू गार्डनिंग में कलम विधि को प्राथमिकता दी जा रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि कलम लगाने से पहले यदि रूटिंग हार्मोन पाउडर का उपयोग किया जाए तो जड़ें जल्दी विकसित होती हैं और पौधे के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है. मिट्टी में जल निकासी अच्छी होनी चाहिए और पानी जमा नहीं होने देना चाहिए.<br />यदि सही विधि और सावधानी बरती जाए, तो कलम से उगाए गए खुशबूदार फूलदार पौधे कम समय में घर की बगिया को रंगों और खुशबू से भर सकते हैं, साथ ही यह विधि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने में भी सहायक है.
गुलाब सबसे लोकप्रिय फूलों में से एक है. 6 से 8 इंच लंबी, पेंसिल जितनी मोटी स्वस्थ टहनी से गुलाब की कलम तैयार की जाती है. निचले हिस्से को 45 डिग्री के कोण पर काटकर रेतीली और जल निकासी वाली मिट्टी में लगाने से 6–8 सप्ताह में जड़ें निकल आती हैं. <br />विशेषज्ञों का कहना है कि कलम के लिए हरी, नई और स्वस्थ शाखा का चयन करना चाहिए. बहुत अधिक फूलों वाली या कमजोर टहनी से ली गई कलम में जड़ बनने की संभावना कम होती है. कलम लगाने के शुरुआती 15-20 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इसी दौरान जड़ें विकसित होती हैं. इस समय नमी और छाया का विशेष ध्यान रखना जरूरी है.
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मोगरे की कलम आसानी से जड़ पकड़ लेती है. हल्की छाया और नमी में लगाया गया मोगरा जल्दी बढ़ता है और अत्यधिक खुशबूदार फूल देता है. <br />सही विधि और सावधानी बरती जाए, तो कलम से उगाए गए खुशबूदार फूलदार पौधे कम समय में घर की बगिया को रंगों और खुशबू से भर सकते हैं, कलम से उगाया गया पौधा अपने मूल पौधे का हूबहू रूप होता है. यही कारण है कि व्यावसायिक बागवानी और घरेलू गार्डनिंग में कलम विधि को प्राथमिकता दी जा रही है.
जब कलम से उगाए गए ये फूलदार और खुशबूदार पौधे पूरी तरह विकसित हो जाते हैं, तो घर की बगिया एक जीवंत और सुकूनभरा स्वरूप ले लेती है. गुलाबों की कतारें रंगों की छटा बिखेरती हैं, वहीं मोगरा और रजनीगंधा की खुशबू सुबह से शाम तक वातावरण को महका देती है. कनेर और सूरजमुखी बगीचे को हरियाली और ऊंचाई प्रदान करते हैं. ऐसा गार्डन न केवल देखने में आकर्षक लगता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है. यह हर आने-जाने वाले को प्रकृति के करीब होने का एहसास कराता है.
गुड़हल का पौधा घर की बगिया में लगाने के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद पौधों में से एक माना जाता है. अच्छी बात यह है कि गुड़हल को बीज से नहीं, बल्कि कटिंग यानी कलम से बहुत आसानी से उगाया जा सकता है. अगर सही तरीका अपनाया जाए तो कम समय में हरा-भरा पौधा और सुंदर फूल मिलते हैं. <br />गुड़हल की कलम हमेशा किसी स्वस्थ और रोगमुक्त पौधे से लेनी चाहिए. कलम की लंबाई लगभग 6 से 7 इंच रखें और डाली थोड़ी सख्त हो, बहुत ज्यादा नरम नहीं. कटिंग लेने के बाद नीचे की पत्तियां हटा दें और निचले हिस्से को हल्का तिरछा काट दें, इससे जड़ें जल्दी निकलती हैं.
कनेर का पौधा उन गिने-चुने पौधों में शामिल है, जो कम देखभाल में भी अच्छे से बढ़ते हैं. इसे बीज की बजाय कलम से लगाना ज्यादा आसान माना जाता है. कनेर की कलम लगाने के लिए किसी स्वस्थ पौधे की सीधी और मजबूत डाली लें. डाली न ज्यादा नरम हो और न ही बहुत पुरानी. लगभग 6-7 इंच लंबी कलम सबसे बेहतर रहती है. कलम से नीचे की पत्तियां हटा दें और नीचे वाला हिस्सा थोड़ा तिरछा काट दें. इसके बाद इसे ऐसी मिट्टी में लगा दें, जहां पानी रुकता न हो. लगाने के बाद हल्का पानी दें और गमले या जमीन को बहुत ज्यादा गीला न रखें.