प्रेग्नेंट होने के लिए एक दिन ही काफी है लेकिन क्या चार दिन बाद टेस्ट में पुष्टि हो सकती है? क्या कहता है साइंस

प्रेग्नेंट होने के लिए एक दिन ही काफी है लेकिन क्या चार दिन बाद टेस्ट में पुष्टि हो सकती है? क्या कहता है साइंस


Husband-Wife Pregnancy claim dispute: हाल ही में मध्य प्रदेश के एक पति-पत्नी का विवाद और तलाक का केस काफी चर्चा में है. पति ने कोर्ट को बताया था कि वह भारतीय सेना में कार्यरत है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. इस घटना के ठीक आठ महीने बाद उसकी बेटी का जन्म हो गया. ऐसे में कोर्ट ने चार दिन में प्रेग्नेंसी की बात को संदिग्ध मानते हुए बच्ची के डीएनए टेस्ट की पति की मांग को जायज बताया है.

अब सवाल उठता है कि मेडिकल साइंस इस बारे में क्या कहता है? प्रेग्नेंट होने के लिए कितने दिन की जरूरत होती है और क्या पति-पत्नी के मिलने के चार दिनों बाद टेस्ट में प्रेग्नेंसी की पुष्टि हो सकती है?

इस बारे में एम्स गायनी की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल ने मेडिकल साइंस का हवाला देते हुए बेहद जरूरी बातें बताई हैं.

डॉ. सुनीता कहती हैं कि प्रेग्नेंट होने के लिए तो एक दिन ही काफी है, लेकिन फिर वे पूछती हैं कि अगर 2015 अक्टूबर में पति और पत्नी मिले थे और प्रेग्नेंसी की पुष्टि महिला ने चार दिन बाद ही कर दी, साथ ही 8 महीने बाद बेटी भी हो गई तो ये तभी संभव है जब ये भी पता चल सके कि पति इससे पहले अपनी पत्नी से कब और कितने दिन पहले मिला था? अगर पति एक दो महीने या उससे ज्यादा समय से नहीं मिला ही नहीं था तो मेडिकल साइंस के हिसाब से यह सच नहीं हो सकता कि वह बच्चा पति का हो.

वे कहती हैं, दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अगर पति और पत्नी ने शारीरिक संबंध बनाए हैं तो उसके कम से कम 10 दिन बाद ही गर्भावस्था की पुष्टि हो सकती है. कितना भी एडवांस टेस्ट हो, लेकिन इंटरकोर्स के बाद, 10 दिन से पहले गर्भ ठहर गया है इसका पता नहीं चल सकता है. वहीं अगर वह पीरियड की बात कह रही है तो वह तो उसके और कुछ दिन बाद ही मिस होगा.

‘ स्पर्म से जब फर्टिलाइजेशन होता है तभी प्रेग्नेंसी होती है. फर्टिलाइज होने के बाद जो जाइगोट होता है वह दो दिन ट्यूब में रहता है, उसके बाद दो-तीन दिन यूट्रस में रहता है और फिर उसके 4-5 दिन बाद ही प्लांट होता है. फिर इस प्रक्रिया के पूरा होने के 10 दिन बाद ही जाकर पीरियड मिस होता है. अगर बहुत एडवांस प्रेग्नेंसी टेस्ट की बात करें तो पीरियड मिस होने के पहले भी प्रेग्नेंसी का पता चल सकता है लेकिन फिर भी इंटरकोर्स के बाद तो 10 दिन का समय लगता ही है गर्भ ठहरने में और पता चलने में. इसलिए महिला को 4 दिन में कैसे पता चला कि वह प्रेग्नेंट है, यह काफी अचंभे वाली बात है .’

डॉ. सुनीता कहती हैं कि जब तक यह नहीं पता चलता कि वह पति बताई जा रही तारीख से पहले भी पत्नी से जल्दी ही मिला है तो यह प्रेग्नेंसी संदिग्ध है और शायद यही वजह है कि कोर्ट ने डीएनए टेस्ट की मांग को स्वीकारा है.

क्या ऐसे मामले ऐसे आते हैं?
डॉ. सुनीता कहती हैं कि हां अक्सर ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं. जब लिव इन रिलेशनशिप में रहने के दौरान लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है और ऐसे में या तो वह कपल जल्दबाजी में शादी करता है या फिर कहीं और शादी होती है तो पति को बताया जाता है कि यह उसका बच्चा है. जबकि वह किसी और का होता है.



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