7 या 8 फरवरी? कब मनाई जाएगी शबरी जयंती, आचार्य से जानें सही तारीख और महत्व

7 या 8 फरवरी? कब मनाई जाएगी शबरी जयंती, आचार्य से जानें सही तारीख और महत्व


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Ujjain News: शबरी जयंती (Shabri Jayanti 2026) का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम ने अपनी असीम कृपा से माता शबरी को मोक्ष प्रदान किया था, इसलिए यह दिन भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है.

उज्जैन. रामायण हिंदू धर्म का एक पवित्र और प्रेरणादायी ग्रंथ माना जाता है, जिसमें त्रेतायुग की घटनाओं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन चरित्र का विस्तृत वर्णन मिलता है. इस महाकाव्य के कई पात्र आज भी भक्ति और आदर्श के प्रतीक माने जाते हैं, जिनमें माता शबरी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है. माता शबरी को भगवान राम के प्रति असीम श्रद्धा और समर्पण के लिए याद किया जाता है. उन्होंने वर्षों तक प्रभु राम की प्रतीक्षा करते हुए अपना जीवन भक्ति में समर्पित कर दिया था. मान्यता है कि जब श्रीराम उनसे मिलने पहुंचे, तो उन्होंने प्रेमभाव से उन्हें पहले चखे हुए बेर अर्पित किए, जिन्हें प्रभु ने स्वीकार किया. भगवान राम ने उनकी निष्कपट भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें मोक्ष का वरदान दिया. हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है. इस दिन श्रद्धालु विधिपूर्वक श्रीराम और माता शबरी की पूजा-अर्चना करते हैं. आइए उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि वर्ष 2026 में शबरी जयंती किस दिन मनाई जाएगी.

उन्होंने कहा कि वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 08 फरवरी को तड़के सुबह 02 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. इस तिथि का समापन अगले दिन 09 फरवरी को प्रात:काल 05 बजकर 01 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में इस साल शबरी जयंती का पर्व 08 फरवरी 2026, रविवार के दिन ही मनाया जाएगा.

शबरी जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त
आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त में 05 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा. यह मुहूर्त 06 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. दोपहर का अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगा. यह मुहूर्त 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. वहीं अमृत काल दोपहर 02 बजकर 26 बजे शुरू होगा. यह 03 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. इन समयों में की गई पूजा बड़ा लाभ देने वाली रहेगी.

शबरी जयंती का महत्व
शबरी जयंती का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान श्रीराम ने अपनी असीम कृपा से माता शबरी को मोक्ष प्रदान किया था, इसलिए यह दिन भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है. श्रद्धालु इस अवसर पर राम नाम का जप करते हैं और माता शबरी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं. माना जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा और निर्मल भाव से श्रीराम और माता शबरी की उपासना करते हैं, उनपर प्रभु की विशेष कृपा बरसती है और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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7 या 8 फरवरी? कब मनाई जाएगी शबरी जयंती, आचार्य से जानें सही तारीख और महत्व

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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