Last Updated:
भोपाल में नकली डॉक्टर बनकर ठगने का कारनामा सामने आया है. ठग जितेंद्र खागरे परिजनों से बात करता था और दावा करता था कि इलाज मिलेगा और एम्बुलेंस से घर तक पहुंचाया भी जाएगा और इसके बाद वह लोगों से ऑनलाइन पैसे ले लेता.
फर्जी डॉक्टर बनकर किया खेल
रिपोर्ट-रामाकांत दुबे/भोपाल
पीड़ित परिवार बच्चों को दिल में छेद होने की बीमारी के चलते राजगढ़ से रेफर होकर हमीदिया आया था. इसी का ठग ने फायदा उठाया और उन्हें बेवकूफ बना दिया. पीड़ित परिवार और ठग के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई हैं.
ठग को होती थी पूरी जानकारी
ठग को बच्चों की बीमारी की पूरी जानकारी थी और पीड़ित को इस बात की आशंका है कि बगैर हॉस्पिटल स्टाफ की मदद से इतनी सटीक जानकारी ठग तक नहीं पहुंच सकती है. इसमें अस्पताल के भी कई लोग शामिल हो सकते हैं. ठग को इस बात की पूरी जानकारी होती थी कि क्या दवा दी गई? क्या जांच करना है? कितने बजे जांच होगी? वह बच्चों के इलाज का पूरा अपडेट देता था.
पीड़ित परिवार का कहना है कि भरोसा जीतने के लिए वार्ड में भर्ती दो मरीजों से और मुलाकात करवाई गई. ठग ने उनसे पैसे भी लिए. लेकिन ठग कभी भी उनके सामने नहीं आए, लेकिन उन्हें अस्पताल की पूरी जानकारी थी. बाद में कुछ लोगों ने हमीदिया के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के पास शिकायत की.शिकायत के बाद साइबर पुलिस और भोपाल क्राइम ब्रांच ने जालसाज के नंबर को ट्रेस किया, जो इंदौर में एक्टिव मिला. बाद में ठग जितेंद्र खरे पुलिस हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया.