मंडला जिले में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति ने सोमवार को मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान समिति सदस्यों ने स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से रेल मंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। समिति ने इसे चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत बताया है और 17 फरवरी को कलेक्ट्रेट के सामने अगला धरना देने की घोषणा की है। समिति पदाधिकारियों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मंडला लोकसभा क्षेत्र का एकमात्र रेलवे स्टेशन मंडला फोर्ट वर्ष 1909 में स्थापित हुआ था। हालांकि, देशभर में रेलवे के व्यापक विस्तार के बावजूद यह स्टेशन आज भी पिछड़ा हुआ है। वर्तमान में यहां से केवल 40 किलोमीटर दूर नैनपुर तक ही रेल सेवा सीमित है, जिससे क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार ज्ञापन और आंदोलनों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। पंचवैली का मंडला तक विस्तार करने की मांग ज्ञापन में प्रमुख मांगों में इंदौर-नैनपुर पंचवैली एक्सप्रेस को मंडला तक विस्तारित करना, मंडला से नागपुर और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करना, तथा रायपुर, भोपाल और पुणे के लिए ट्रेनों का संचालन शामिल है। इसके अतिरिक्त, पेंड्रा से डिंडौरी-मंडला-गोटेगांव रेल लाइन के शीघ्र निर्माण और मंडला-घंसौर रेलवे स्टेशन को जोड़ने की मांग की गई है। पंडरिया-बिछिया-मंडला-घंसौर-जबलपुर नई रेल लाइन के निर्माण की मांग भी इसमें शामिल है। समिति ने मंडला फोर्ट स्टेशन पर ट्रेन वाशिंग एप्रोन, कोचिंग डिपो और टर्मिनल स्तर की सुविधाएं विकसित करने की मांग की। साथ ही, रेलवे कर्मचारियों के लिए आवास और विश्रामगृह तथा स्टेशन परिसर में आरपीएफ थाना स्थापित करने की भी मांग रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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