बालाघाट शहर के प्रसिद्ध शिवसांई मंदिर में ‘श्रीराम दरबार’ की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन शुरू हो गया है। सोमवार को जयपुर से विशेष रूप से लाई गई वियतनाम स्टोन (पत्थर) से निर्मित प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। मन्नत भंडारा समिति द्वारा आयोजित यह धार्मिक महोत्सव 9 फरवरी से शुरू होकर 17 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रामकथा और विभिन्न अनुष्ठानों की धूम रहेगी। नगर भ्रमण पर निकले ‘रामलला’ सोमवार शाम को शिवसांई मंदिर से श्रीराम दरबार की शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। गाजे-बाजे के साथ निकली यह यात्रा महावीर चौक, राजघाट, पुराने श्रीराम मंदिर और हनुमान चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं। जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा को वापस मंदिर लाया गया, जहाँ अब प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू होगी। मंगलवार से जलाधिवास और रामकथा का आरंभ 10 फरवरी से धार्मिक विधि-विधान की शुरुआत होगी। कथा व्यास पंडित परिणित कृष्ण दुबे द्वारा प्रतिमा का जलाधिवास कराया जाएगा। इसी के साथ मंदिर परिसर में श्रीराम कथा का मंगलाचरण और सात श्लोकों से वंदना की जाएगी। 11 से 14 फरवरी तक चलने वाले अनुष्ठानों में पुष्याधिवास, फलाधिवास, कलश स्नान और तैयाधिवास जैसे महत्वपूर्ण संस्कार संपन्न किए जाएंगे। 15 को प्राण-प्रतिष्ठा और 17 को भंडारा महोत्सव का मुख्य आकर्षण 15 फरवरी को होने वाली भगवान श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इसके अगले दिन, 16 फरवरी को रामकथा में रावण मोक्ष और प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया जाएगा, जिसके साथ कथा को विश्राम दिया जाएगा। समापन के अवसर पर 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर 1 बजे से रात 8:30 बजे तक ‘मन्नत भंडारा’ का आयोजन होगा। मन्नत भंडारा समिति ने बालाघाट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस 8 दिवसीय भक्ति उत्सव में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
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