इस थाने में बजरंगबली का राज! बिना सैल्यूट पुलिसवालों को एंट्री नहीं, एक SP को भारी पड़ी थी अनदेखी! अद्भुत कहानी

इस थाने में बजरंगबली का राज! बिना सैल्यूट पुलिसवालों को एंट्री नहीं, एक SP को भारी पड़ी थी अनदेखी! अद्भुत कहानी


Khandwa News: मध्य प्रदेश के खंडवा का मोघट थाना बेहद अनोखी आस्था से जुड़ा है. यह कोई आम थाना नहीं, क्योंकि यहां के थानेदार खुद बजरंगबली हैं. यहां पदस्थ हर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस मान्यता को पूरी श्रद्धा से मानता है. यही वजह है कि थाना प्रभारी हो या कोई बड़ा अधिकारी, थाने के मुख्य द्वार पर विराजमान हनुमानजी को सैल्यूट किए बिना अंदर प्रवेश नहीं करता. मोघट थाने के अंदर ही ‘श्री थानेश्वर हनुमान’ का मंदिर है. खास बात ये कि थाने में हनुमानजी के लिए एक कुर्सी हमेशा खाली रखी जाती है. मान्यता है कि करीब 40 साल में जो भी थाना प्रभारी यहां आया, उन्होंने तभी अपना कार्यकाल पूरा किया, जब उन्होंने सच्चे मन से बजरंगबली की सेवा और आराधना की.

पहले पेड़ के नीचे थी मूर्ति
थाना परिसर में रोजाना सुबह-शाम आरती होती है, जिसमें थानेदार से लेकर सिपाही और अन्य स्टाफ शामिल होता है. LOCAL 18 से बातचीत में लक्ष्य राजकुमार शुक्ला बताते हैं कि इस मंदिर की सेवा उनके दादाजी भी किया करते थे. उनके दादाजी कपिल देव माता प्रसाद शुक्ला मोघट थाने में मालखाना प्रमुख थे. 2006 में रिटायर हुए. लक्ष्य बताते हैं कि मंदिर की स्थापना कई साल पहले हुई थी और उस समय के थानेदार मानसिंह चौहान की इसमें अहम भूमिका रही. पहले यह मूर्ति थाने के पीछे एक पेड़ के नीचे थी, बाद में विधि-विधान से इसे थाने के अंदर स्थापित किया गया.

एक एसपी साहब को झुकना पड़ा…
लक्ष्य का दावा है कि इस मंदिर से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो हनुमानजी की शक्ति को साबित करती हैं. उन्होंने बताया, एक समय जिले के एक एसपी साहब बाबा की महिमा पर विश्वास नहीं करते थे. बिना दर्शन और हाथ जोड़े थाने में प्रवेश कर गए. इसके बाद उनके जीवन में परेशानियां बढ़ने लगीं, तबीयत बिगड़ी और नौकरी पर भी संकट आ गया. बाद में समझाने पर जब उन्होंने सच्चे मन से बजरंगबली के दर्शन किए, तो हालात सुधर गए.

अब विवाद, घेराव, तनाव कम!
वहीं वर्तमान में मंदिर की सेवा कर रहे मोघट थाने में पदस्थ नरेंद्र कुमार भलावी बताते हैं, जब से मंदिर को थाने के सामने लाया गया है, तब से थाने में विवाद, घेराव और तनाव की घटनाएं काफी कम हो गई हैं. नरेंद्र कहते हैं कि वह रोजाना बाबा की सेवा करते हैं और थाने व मंदिर की देखरेख भी वही करते हैं. साल में एक बार पुलिस स्टाफ और आसपास की कॉलोनियों के लोग मिलकर भंडारे का आयोजन भी करते हैं.

कानून संग हनुमानजी की कृपा
नरेंद्र बताते हैं कि एसपी मनोज कुमार राय, सीएसपी बारंगे ओर थानेदार धीरेश धारीवाल सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी जब भी थाने आते हैं, सबसे पहले बजरंगबली के दर्शन करते हैं. मोघट थाना आज सिर्फ एक पुलिस थाना नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का ऐसा केंद्र बन चुका है, जहां कानून के साथ-साथ हनुमानजी की कृपा का भी राज चलता है.



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