पाकिस्तान कैसे झुका, किसने समझाया, क्या थी डिमांड, किस बात का था डर, क्यों भारत से खेलने को हुआ राजी?

पाकिस्तान कैसे झुका, किसने समझाया, क्या थी डिमांड, किस बात का था डर, क्यों भारत से खेलने को हुआ राजी?


India-Pakistan Matach in T20 World Cup 2026: भारत-पाकिस्तान मैच का इंतजार कर रहे क्रिकेट फैन्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत का रास्ता साफ हो चुका है. पाकिस्तान ने भारत के साथ खेलने पर हामी भर दी है. जी हां, भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का मैच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा. पाकिस्तान सरकार ने मैच के बहिष्कार का फैसला वापिस ले लिया है. पाकिस्तान के इस फैसले के साथ ही टूर्नामेंट में जारी गतिरोध भी खत्म हो गया है. टी20 विश्व कप 2026 के सबसे हॉट मैच पर पेच फंसा था. बांग्लादेश का साथ देते हुए पाकिस्तान ने बॉयकॉट का फैसला किया था. मगर अब पाकिस्तान ने यूटर्न लिया है. उसने अपना फैसला वापस ले लिया है. आज यानी मंगलवार को आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की ओर से मैच खेलने का ऐलान होगा. इस तरह बांग्लादेश के साथ खड़े होने के नाम पर शुरू हुआ ड्रामा अब खत्म हो गया है. लेकिन सवाल बहुत हैं. मसलन पाकिस्तान बैकफुट पर क्यों आ गया? आखिरकार उसे किसने समझाया? पाकिस्तान की क्या डिमांड थी? उसे क्या डर था? आईसीसी की मीटिंग में क्या हुआ?
सबसे पहले जान लेते हैं कि पाकिस्तान का लेटेस्ट मूव क्या है. पाकिस्तान सरकार ने मेन्स क्रिकेट टीम को आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ अपना तय मैच खेलने की इजाजत दे दी है. यह मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है. गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी से अपने मुकाबले भारत के बजाय किसी अन्य वेन्यू पर शिफ्ट करने की अपील की थी, लेकिन आईसीसी ने बीसीबी की अपील को ठुकरा दिया, जिसके बाद बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शामिल किया गया. इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने पहले टीम से कहा था कि भारत के खिलाफ मैच न खेले, ताकि बांग्लादेश को समर्थन दिखाया जा सके, लेकिन आईसीसी की ओर से भारत के मैच का बहिष्कार करने की पाकिस्तान की धमकी पर कड़ा रुख अपनाने और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और श्रीलंका सरकार की ओर से पाकिस्तान से अपने फैसले पर फिर से विचार करने के अनुरोध के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान पुरुष टीम को मैच खेलने की इजाजत दे दी है.

पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट का फैसला क्यों लिया था?
बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से मना करने पर टी20 विश्व कप से बाहर कर दिया गया. इसके बाद बांग्लादेश के साथ खड़े होने के नाम पर पाकिस्तान ने ड्रामा शुरू कर दिया. पाकिस्तान ने कहा कि बांग्लादेश को अगर बाहर किया गया है तो वह भी भारत से नहीं खेलेगा. 1 फरवरी को पाकिस्तानी सरकार ने यह फैसला घोषित किया था.

बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर क्यों किया गया?
यूनुस राज में बांग्लादेश ने भारत से लगातार दुश्मनी मोली है. बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भी बढ़ गई है. यूनुस राज में लगातार हिंदुओं को टारगेट किया जा रहा है. इसी के बाद आईपीएल से बांग्लादेशी खिलाड़ी को बाहर किया गया. इस बात को बांग्लादेश ने मुद्दा बनाया. उसने बांग्लादेश ने भारत में मैच खेलने से इनकार कर दिया. उसने बहाना बनाया सुरक्षा का. आईसीसी ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. बांग्लादेश पर कोई आर्थिक या खेल सजा नहीं लगाई गई, लेकिन उसे टूर्नामेंट से बाहर रखा गया.

पाकिस्तान की मुख्य डिमांड्स क्या थीं ICC से?
बांग्लादेश के कंधे पर रखकर पाकिस्तान बंदूक चला रहा था. वह बांग्लादेश के बहाने अपने हित साध रहा था. यही कारण है कि वह आईसीसी के साथ प्रेशर गेम वाली पॉलिटिक्स कर रहा था. उसकी कुछ डिमांड ऐैसी थीं, जिससे यह साफ दिख रहा है कि वह भारत के साथ खेलने को कितना आतुर है. उसने आईसीसी से कई मांगें रखी थीं, जो इस प्रकार हैं-

  • बांग्लादेश को पूरा राजस्व हिस्सा मिले
  • बांग्लादेश को अगले साइकिल में एक ICC इवेंट (U-19 विश्व कप) मिले
  • भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो
  • भारत-पाक-बांग्लादेश त्रिकोणीय सीरीज हो
  • भारत बांग्लादेश का दौरा करे (2026 में)

पाकिस्तान की मांग पर ICC ने क्या कहा?
पाकिस्तान की इन डिमांड पर आईसीसी ने ठेंगा दिखा दिया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने साफ कहा कि द्विपक्षीय सीरीज, त्रिकोणीय सीरीज और भारत का बांग्लादेश दौरा…ये हमारे दायरे में नहीं आता. हालांकि, आईसीसी ने बांग्लादेश पर कोई पेनल्टी नहीं लगाई और यह कहा कि U-19 विश्व कप पर विचार हो रहा है. बाकी तीन मुख्य डिमांड्स ठुकरा दी गईं. इस बीच आईसीसी ने PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी को 24 घंटे का समय दिया है अपने PM से बात करने को. संभवत आज आधिकारिक ऐलान होगा.

पाकिस्तान बैकफुट पर कैसे आया?

यह बात सबको पता थी कि पाकिस्तान दिखाव के लिए यह गेम खेल रहा है. वह बांग्लादेश और उसकी आवाम को खुश करना चाहता था. जैसे ही बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला किया, वैसे ही पाकिस्तान ने उसका साथ भारत के साथ न खेलने का फैसला करके किया. इससे पाकिस्तान ने बांग्लादेश को लुभाने की कोशिश की. मोहम्मद यूनुस की सरकार जब से आई है, तब से ही पाकिस्तान अपने पड़ोसी बांग्लादेश पर डोरे डाल रहा है. वह बांग्लादेश और भारत के बीच दूरी बढ़ाने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है. भारत के साथ टी20 न खेलने का हथकंडा भी उसी दिशा में था. मगर आईसीसी के सामने पाकिस्तान की एक न चली. बहुपक्षीय बातचीत, दोस्त देशों के अनुरोध और क्रिकेट की भावना के दबाव ने पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. भारत ने साफ स्टैंड क्लियकर दिया था आईईसीसी में. आईसीसी ने भी भारी-भरकम पेनल्टी लगाने की धमकी दी थी. सजा से बचने के लिए ही पाकिस्तान ने आखिरकार यूटर्न लिया.

किसने पाकिस्तान को मैच खेलने के लिए समझाया?
वैसे तो पाकिस्तान खुद ही सरेंडर करता. मगर कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश और श्रीलंका के समझाने के बाद इस मैच के बहिष्कार का फैसला वापिस ले लिया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन अमीनुल इस्लाम ने औपचारिक अनुरोध किया और कहा कि भाईचारा बना रहे, लेकिन मैच खेलो, क्रिकेट का फायदा होगा.पाकिस्तान को समझाने में श्रीलंका का भी अहम रोल रहा. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने सीधे PM शहबाज शरीफ को फोन किया और उन्होंने समझाया.

पाकिस्तान को किस बात का डर था?

  • -पाकिस्तान को ICC से सख्त कार्रवाई का डर सता रहा था.
  • क्रिकेट में अलग-थलग पड़ जाने का भी डर था.
  • अगर भारत से नहीं खेलता तो उसे राजस्व का भारी नुकसान होता.
  • विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में अनुपस्थिति से उसीक इमेज और खराब हो जाती.

पाकिस्तानी सरकार ने क्या कहा?
पाकिस्तान सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘बहुपक्षीय बातचीत के नतीजों और दोस्त देशों के अनुरोध के बाद पाकिस्तान सरकार पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को निर्देश देती है कि वह 15 फरवरी 2026 को आईसीसी पुरूष टी20 विश्व कप का अपना निर्धारित मैच खेलने मैदान पर उतरे.’ पाकिस्तान सरकार के बयान में कहा गया ,‘यह फैसला क्रिकेट की भावना की रक्षा और सभी प्रतिभागी देशों में इस वैश्विक खेल की निरंतरता का समर्थन करने के मकसद से लिया गया है.’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को श्रीलंका से राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके का भी फोन आया था जिन्होंने उनसे बहिष्कार का फैसला वापिस लेने का अनुरोध किया था.

मोहसिन नकवी ने क्या कहा
पाकिस्तानी सरकार का बयान आने से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने शरीफ को आईसीसी से रविवार को हुई उनकी और इस्लाम की बातचीत का ब्यौरा दिया. नकवी ने इससे पहले कहा था कि अंतिम फैसला आने में एक दिन लगेगा. उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश सही था लिहाजा हमे उसका साथ देना ही था. भारत में सुरक्षा कारणों से खेलने से इनकार के बाद बांग्लादेश को विश्व कप से बाहर कर दिया गया था. बीसीबी प्रमुख इस्लाम ने ढाका में जारी बयान में पाकिस्तान को धन्यवाद दिया लेकिन यह भी कहा कि भारत के खिलाफ इस मैच को खेलना क्रिकेट के हित में है.

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आईसीसी का क्या बयान था?
आईसीसी ने दुबई में जारी बयान में कहा कि भारत में खेलने से इनकार पर बांग्लादेश पर कोई दंड नहीं लगाया जायेगा. बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड टूर्नामेंट खेल रहा है. आईसीसी ने एक बयान में कहा , ‘इस पर रजामंदी बनी है कि मौजूदा मसले के संदर्भ में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी तरह का आर्थिक, खेल संबंधी या प्रशासनिक दंड नहीं लगाया जायेगा. बीसीबी को विवाद निपटान समिति के पास जाने का अधिकार है. आईसीसी के मौजूदा नियमों के तहत यह अधिकार बरकरार है.

पाकिस्तान को कैसे लगा झटका?
सूत्र ने कहा कि आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा के साथ रविवार को हुई बातचीत में नकवी ने कई मुद्दे उठाए. इसमें भारत पाक क्रिकेट की बहाली और बांग्लादेश समेत त्रिकोणीय श्रृंखला का आयोजन शामिल है ताकि विश्व कप से बाहर होने से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को हुए नुकसान की भरपाई हो सके. भार-पाक द्विपक्षीय क्रिकेट आईसीसी के दायरे में नहीं है जबकि त्रिकोणीय श्रृंखला की मांग खारिज कर दी गई है. भारत ने एक दशक से अधिक समय से कोई त्रिकोणीय श्रृंखला नहीं खेली है. आईसीसी अगले अंडर 19 विश्व कप की मेजबानी बांग्लादेश को दे सकती है.



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