आलीराजपुर जिले के आम्बुआ स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की लगभग 300 से 400 छात्राएं बुधवार सुबह सड़क पर उतर आईं। उन्होंने विद्यालय की प्राचार्य के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए लगभग 7 से 8 किलोमीटर तक पैदल चलीं। इन छात्राओं में दसवीं और बारहवीं कक्षा की वे छात्राएं भी शामिल थीं, जिनकी बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। छात्राओं के पैदल मार्च की सूचना मिलने पर अलीराजपुर एसडीएम तपिश पांडे रास्ते में पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने और वापस स्कूल परिसर भेजने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं कलेक्टर से मिलने की अपनी जिद पर अड़ी रहीं। एसडीएम पांडे भी उनके साथ करीब 4 किलोमीटर तक पैदल चले। लगभग 7 से 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद कलेक्टर नीतू माथुर रास्ते में मिलीं। उन्होंने प्राथमिक स्कूल भवन परिसर में छात्राओं के साथ बैठकर करीब एक घंटे तक उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर से बातचीत के दौरान छात्राओं ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उन्हें स्टेशनरी और ड्रेस नहीं दी जाती, खाने की गुणवत्ता खराब है, दूध में पानी मिलाया जाता है और चावल प्लास्टिक जैसे लगते हैं। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। बताया गया है कि विद्यालय की प्राचार्य अर्चना श्रीवास्तव फिलहाल छुट्टी पर हैं। छात्राओं ने यह भी जानकारी दी कि स्कूल स्टाफ ने उन्हें रोकने के लिए कैंपस का दरवाजा बंद कर दिया था, जिसके बाद वे भागकर पैदल निकली थीं।
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