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Bihar Cricket Team Elite Group: बिहार क्रिकेट के लिए बीसीसीआई के घरेलू मुकाबलों सीजन 2025-26 काफी खास रहा. विजय हजारे ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी और अब कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में चैंपियन बनने के बाद बिहार की टीम अब एलीट में पहुंच गई. इसमें जीत के कर हीरो रहें सुरज कश्यप और पृथ्वी राज इस साल टीम के लिए काफी लकी साबित हुए.
पिछले दिनों, बीसीसीआई की ओर से आयोजित कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप फाइनल में बिहार क्रिकेट टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए नगालैंड को पारी और 164 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. पटना के मोईन-उल-हक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बिहार ने पूरे सीजन का बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा और इस जीत के साथ एलीट ग्रुप में जगह बना ली.
कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के इस खिताबी मुकाबले में बिहार की ओर से नमन गौरव ने डेब्यू किया और पहले ही मैच में शानदार दोहरा शतक जड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. नमन ने नाबाद 200 रनों की बेहतरीन पारी खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इसमें इन्होंने 23 चौकों और 4 छक्कों की मदद से यह विशाल स्कोर खड़ा किया.
प्लेट ग्रुप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड पृथ्वी राज के नाम रहा. इन्होंने 6 मैचों में शानदार 680 रन जुटाए. यह आंकड़ा पूरे ग्रुप में सर्वाधिक रहा. उनका सर्वोच्च स्कोर 282 रन रहा. इस सीजन का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी है. पृथ्वी राज ने पूरे टूर्नामेंट में 136 की बेहतरीन औसत से बल्लेबाजी करते हुए 2 शतक और 2 अर्धशतक जड़े. इस दौरान उन्होंने 71 चौके और 22 छक्के लगाकर विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. अपने दमदार प्रदर्शन के दम पर वे लगभग हर प्रमुख बल्लेबाजी रिकॉर्ड में टॉप स्थान पर रहे.
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कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में इस सीजन बल्लेबाजी के मामले में पृथ्वी राज का दबदबा साफ देखने को मिला. वह पूरे ग्रुप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. उनके नाम ही सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर भी दर्ज हुआ. सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि स्ट्राइक रेट के मामले में भी वह सभी बल्लेबाजों से आगे रहे. टूर्नामेंट के दौरान पृथ्वी राज ने सबसे ज्यादा चौके और छक्के लगाकर गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. साथ ही सबसे तेज शतक जड़ने का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा.
रनों के मामले में आकाश राज ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 5 मैचों में 390 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा. अपनी आक्रामक और संतुलित बल्लेबाजी के दौरान आकाश के बल्ले से 44 चौके और 6 छक्के निकले. वहीं गेंदबाजी में वासुदेव प्रसाद सिंह ने अपनी धारदार गेंदों से विपक्षी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. उन्होंने 6 मैचों में कुल 25 विकेट अपने नाम किए और तीन अलग-अलग मुकाबलों में एक ही मैच में 5-5 विकेट लेकर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया.
हालांकि, विकेट लेने के मामले में पूरे प्लेट ग्रुप में बिहार के कप्तान सूरज कश्यप का दबदबा रहा. उन्होंने 5 मैचों में मात्र 258 रन खर्च करते हुए शानदार 30 विकेट झटके और टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने. उनकी गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने तीन बार एक ही मैच में पांच विकेट लेने का कारनामा किया. एक मुकाबले में तो उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 9 विकेट हासिल किए. इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी दिया गया.
आपको बता दें कि इस साल बिहार टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी, रणजी ट्रॉफी और कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी यानी तीनों में प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर एलीट ग्रुप में जगह बनाई. इन तीनों टूर्नामेंट में सूरज कश्यप टीम का हिस्सा रहे और हर टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इसी सीजन इन्होंने रणजी में डेब्यू किया था. कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में तो कप्तानी भी कर रहे थे. इन कारणों से सूरज लक्की खिलाड़ी बनें.